MP News: मध्य प्रदेश के अशोकनगर कलेक्ट्रेट में कार्यरत सहकारिता उप अंकेक्षक ने अपने निलंबन के बाद प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि मुझे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की सजा मिली है, कोई गलती करने पर नहीं।
MP News: अशोकनगर कलेक्टर ने निलंबित किया तो सहकारिता विभाग के उप अंकेक्षक ने गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि उन्हें किसी गलती की नहीं बल्कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने की सजा मिली है। क्योंकि जो गलती बताकर निलंबित किया गया वह गलती नहीं है।
मामला सहकारिता विभाग का है। यहां पदस्थ उप अंकेक्षक अभिषेक जैन (Deputy Auditor Abhishek Jain) को कलेक्टर आदित्यसिंह ने 122 सहकारी संस्थाओं का समयसीमा में ऑडिट न करने पर सोमवार को निलंबित कर दिया और निलंबन अवधि में मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय को बनाया। निलंबन के बाद अभिषेक जैन का कहना है कि 122 सहकारी संस्थाओं के ऑडिट की बात है, लेकिन वह 117 संस्थाओं का ऑडिट कर चुके थे और पांच संस्थाओं का रेकॉर्ड न मिलने से ऑडिट नहीं हुआ। अभिषेक जैन का कहना है कि जून माह में जब कारण बताओ नोटिस मिला तो मैंने जवाब में यह बता दिया था। लेकिन जो गलती की ही नहीं, वह गलती बताकर निलंबित किया गया है।
अभिषेक जैन का आरोप है कि मार्केटिंग सोसायटी के प्रबंधक अखिलेश जैन पर जांच में 17 लाख रुपए की वसूली पाई गई थी, लेकिन वह आदेश के खिलाफ फर्जी दस्तावेज लगाकर स्टे ले आए। अपर मुख्य सचिव ने कार्रवाई के लिए पत्र लिखा तो मैंने जांच कर निलंबित कर दिया और खाद्य विभाग को एफआइआर कराने पत्र दिया, लेकिन खाद्य विभाग ने हमें ही लिख दिया। वहीं समिति प्रबंधक महेंद्र शर्मा की भी गड़बड़ियों पर सेवा समाप्त की। अभिषेक जैन का आरोप है कि इन सभी मामलों की वजह से लगातार मेरे खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जा रहा था और मेरे खिलाफ और मेरी भांजी खाद्य अधिकारी मोनिका जैन के खिलाफ झूठी शिकायतें कराई जा रही थीं।