
अशोकनगर. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है और राज्य निर्वाचन आयोग ने तीन चरणों चुनाव कराने का निर्णय लिया है। जिले में भी तीन चरणों में चुनाव होगा। पहले चरण में अशोकनगर, तो वहीं मुंगावली-चंदेरी में तीसरे चरण में चुनाव होंगे। इसके लिए आरक्षण प्रक्रिया २५ मई को पूरी की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सभी कलेक्टरों व जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे। विकासखंड वार चुनाव कराए जाएंगे। जिसमें अशोकनगर विकासखंड में पहले चरण में चुनाव कराए जाएंगे, द्वित्तीय चरण में ईसागढ़ विकासखंड में तृतीय चरण में और मुंगावली व चंदेरी विकासखंड में जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पद के चुनाव होंगे। जहां पहले सरपंच और पंच पद पर चुनाव मतपत्र से होते थे, लेकिन इस बार सरपंच व पंच पद के साथ जिला पंचायत व जनपद पंचायत सदस्य पद के चुनाव भी मतपत्र से ही होंगे।
जानिए-कब कहां होगी आरक्षण प्रक्रिया
- जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग तथा इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण की कार्रवाई 25 मई बुधवार सुबह ११ बजे जिला पंचायत अशोकनगर में होगी।
- जनपद पंचायत अशोकनगर की ग्राम पंचायत के वार्ड सरपंच ग्राम पंचायत के पद के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग तथा इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण कार्रवाई 25 मई सुबह ११ बजे जनपद पंचायत में होगी।
- जनपद पंचायत ईसागढ़ की ग्राम पंचायत के वार्ड सरपंच ग्राम पंचायत के पद के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग तथा इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण कार्रवाई 25 मई सुबह 11 बजे जनपद पंचायत ईसागढ़ में होगी।
- ु जनपद पंचायत मुंगावली की ग्राम पंचायत के वार्ड सरपंच ग्राम पंचायत के पद हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग तथा इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण की कार्रवाई 25 मई सुबह ११ बजे जनपद पंचायत मुंगावली में होगी।
- जनपद पंचायत चंदेरी की ग्राम पंचायत के वार्ड सरपंच ग्राम पंचायत के पद हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग तथा इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रक्रिया 25 मई ११ बजे जनपद पंचायत चंदेरी में होगी।
लंबे समय से था इंतजार, फिर शुरु हुईं चुनावी चर्चाएं-
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का लोगों को लंबे समय से इंतजार था और इस बार कोरोना काल व अन्य कारणों की वजह से त्रिस्तरीय पंचायत के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल निर्धारित समयसीमा से डेढ़ गुना चला। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरु की तो गांवों में फिर से चुनावी चर्चाएं शुरु हो गई हैं और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही लोगों ने फिर से जीत के समीकरण बनाने शुरु कर दिए हैं। तो वहीं वर्तमान जनप्रतिनिधि भी फिर से चुनाव लडऩे की तैयारी में जुट गए हैं।