पूर्व विद्यार्थी संघ ने कहा- समय पर नहीं लगता स्कूल...
अशोकनगर. शहर के माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक की जर्जर हालत को देख जहां पूर्व विद्यार्थी संघ ने पांच लाख रुपए खर्च कर स्कूल का जीर्णोद्धार कराया, साथ ही घर-घर जाकर बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश के लिए प्रेरित किया। लेकिन स्कूल की हेडमास्टर ने प्रवेश देने से मना कर दिया, इससे पूर्व विद्यार्थी संघ ने स्कूल पहुंचकर कहा हम घर-घर जाकर बच्चों को ला रहे हैं और आप उन्हें वापस लौटा रही हो।
पिछले सत्र में शासन ने इस स्कूल में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किया था, इसमें 30 बच्चे थे और उन्हें पढ़ाने दो शिक्षक थे। लेकिन अप्रैल में अटेचमेंट खत्म होने से दोनों शिक्षक चले गए। साथ ही हेडमास्टर सांता कुजूर ने शौचालय न होने की बात कहकर छात्रों को प्रवेश देने से इंकार कर दिया। पूर्व विद्यार्थी संघ के मनोज अग्रवाल, कमल सड़ाना, नरेश जैन और ओपी शर्मा स्कूल पहुंचे और कहा कि स्कूल में तीन शौचालय हैं, साथ ही पानी के लिए दो हैंडपंप भी हैं।
उन्होंने हेडमास्टर से पूछा कि आखिर बच्चों को प्रवेश न देकर लौटाया क्यों जा रहा है, स्कूल में सभी व्यवस्थाएं तो हैं, यदि कोई समस्या थी तो हमें बतातीं। इस पर हेडमास्टर ने स्कूल में छात्र-छात्राओं को अलग-अलग शौचालय न होने की बात कही, तो पूर्व विद्यार्थी संघ ने प्राइमरी स्कूल के ताले में बंद शौचालय को खोलने की बात कही। हालांकि हेडमास्टर छात्रों को स्कूल में प्रवेश देने के लिए तैयार नहीं हुईं।
पूर्व विद्यार्थी संघ का कहना है कि शासन के नियमानुसार सुबह साढ़े 10 से शाम साढ़े चार बजे तक स्कूल लगना चाहिए, लेकिन स्कूल को दोपहर 12 बजे ही बंद कर शिक्षक घर चले जाते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में शिक्षास्तर गिर रहा है और आठवी के बच्चों को नाम लिखना भी नहीं आता। साथ ही कहा कि हम यहां पढ़े हैं, इसलिए यहां गुणवत्ता सुधरवाना चाहते हैं और इसीलिए पांच लाख रुपए स्कूल के जीर्णोद्धार पर खर्च किए थे।