अशोकनगर

‘शक्कर छोड़ो, वंदे मातरम पर बात करो…’, अशोकनगर में प्रभारी मंत्री का महंगाई के सवाल पर जवाब वायरल

Vande Mataram controversy: 75 रुपए किलो पहुंची शक्कर (Sugar Price Hike), राखी से पहले बढ़ी मिठाइयों की कीमत, प्रभारी मंत्री बोले-विश्व युद्ध भी महंगाई का कारण, देश रहेगा तभी हम रहेंगे।
2 min read
Aug 23, 2026
sugar price hike minister statement vande mataram controversy
Sugar Price Hike: प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ल ने महंगाई को लेकर जवाबदेही से किया किनारा (फोटो सोर्स- Rakesh Shukla Facebook)

Sugar Price Hike: मध्य प्रदेश में त्योहारी सीजन में महंगाई ने आम आदमी की मिठास छीन ली है। बाजार में शक्कर 75 रुपए प्रति किलो हो गई है, लेकिन अशोकनगर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला (Minister Rakesh Shukla) के लिए यह जनता की परेशानी का नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद का विषय है। शनिवार को अशोकनगर दौरे पर आए प्रभारी मंत्री ने शक्कर के बढ़ते दामों पर ऐसा ज्ञान दिया कि सुनने वाले भी हैरान रह गए। महंगाई से राहत का भरोसा देने की बजाय, उन्होंने इसे सीधे तौर पर वंदेमातरम और विश्व युद्ध से जोड़ दिया।

रक्षाबंधन से पहले बिगड़ा बजट, मिठाईओं के दाम में आई उछाल

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले शक्कर की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है। तीन दिन पहले जब बाजार में शक्कर 62 रुपए के पार हुई, तो लोगों ने सस्ते सस्ते विकल्प के लिए मॉल की तरफ दौड़ लगाई। नतीजा यह हुआ कि मॉल में 57 रुपए किलो वाली शक्कर का पूरा स्टॉक ही साफ हो गया। स्थिति यह है कि अब ऑनलाइन बुकिंग पर भी शक्कर का विकल्प नजर नहीं आ रहा है। शक्कर की कीमतों का सीधा असर चाय से लेकर बेकरी आइटम्स तक पड़ा है। मिठाइयों की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक उछाल आ गया है, जिसने घरों का बजट बिगाड़ दिया है।

विपक्ष की सलाह: महंगाई छोड़ो, वंदे मातरम पर बात करो

जब मीडिया ने पूछा कि क्या महंगाई नियंत्रण जरूरी नहीं है और विपक्ष इस पर हमलावर है? तो मंत्री ने पूरी बहस की दिशा ही मोड़ की। उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को महंगाई पर नहीं बल्कि वंदेमातरम के अपमान (Vande Mataram controversy) पर हमलावर होना चाहिए। मंत्री ने महंगाई को वैश्विक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि आज विश्व युद्ध भी चल रहा है जो महंगाई का बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि जितना महंगाई नियंत्रण जरूरी है, उतना ही वंदेमातरम भी देश के लिए जरूरी है, क्योंकि जब देश रहेगा, तभी तो हम रहेंगे।

गन्ना किसानों के सामने पांच बड़ी चुनौतियां

1-मौसम और सिंचाई: असामान्य बारिश तथा पर्याप्त सिंचाई साधनों का अभाव।
2-लंबी अवधि की फसल: पूरे साल खेत बंधा रहने से दूसरी फसल नहीं।
3-उचित भाव का अभाव: लागत की तुलना में गन्ने की कीमत कम होना।
4-कटाई की समस्या: मजदूरों की कमी से कटाई में समय-खर्च बढ़ना।
5-भुगतान में देरी: मिलों से समय पर भुगतान नहीं मिलने से किसानों की पूंजी अटकना।

Updated on:
23 Aug 2026 03:15 pm
Published on:
23 Aug 2026 03:15 pm