
अशोकनगर. ग्रेड पे बढ़ाने की मांग करते हुए लगातार नौ दिन से हड़ताल पर बैठे लिपिकों का गुस्सा अपने ही उन साथियों पर फूट पड़ा, जो ऑफिसों में बैठकर काम निपटा रहे थे। हड़तालियों ने ऑफिसों में कई लिपिकों को काम करते देख किसी को चूडिय़ां भेंट कर नाराजगी जताई तो किसी को चूडिय़ां पहना दीं। इससे लिपिकों में आपस में झड़प हो गई और झूमाझटकी भी हुई। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर जब लिपिकों का काम करते मिले तो हड़तालियों ने धमकाया और कहा कि हमारी हड़ताल को विफल करने का प्रयास न करें।
हड़ताल पर बैठे लिपिकों ने मंगलवार को ऑफिसों का भ्रमण किया। उद्यानिकी विभाग में लिपिक सुरेश शर्मा ऑफिस में बैठे मिले तो हड़ताली उन्हें जबरन पकड़कर ऑफिस से बाहर लाए और धरना स्थल पर ले गए। पीडब्ल्यूडी विभाग में राजेंद्र पाराशर हड़तालियों ने उन्हें चूडिय़ां पहना दीं, इससे आपस में बहस भी हुई। जलसंसाधन विभाग में लिपिक सबसाद काम करते मिले तो महिला लिपिकों ने चूडियां भेंट कर दीं, इससे हड़ताली लिपिकों और सबसाद में आपस में ही झड़प हो गई।
हालांकि बाद में लिपिकों ने कहा कि हम सभी आपके हक के लिए काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं और आप लोग खुद ही काम कर रहे हो और ऑफिसों में आराम फरमा रहे हो। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी एक महिला लिपिक काम करते मिली तो लिपिकों ने नाराजगी जताई और कहा कि धरने पर नहीं बैठना है तो कोई बात नहीं, लेकिन कम से कम ऑफिसों में काम करके हड़ताल को तो विफल मत करो।
चेतावनी: ऑफिसों में काम न करें लिपिक
लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामनरेश शर्मा और महेश कलौंदिया का कहना है कि हम लिपिकों की ग्रेड पे बढ़ाने के लिए कलमबंद कर रहे हैं, इसलिए कोई भी लिपिक ऑफिस में काम करके हड़ताल को विफल करने का प्रयास न करे। यदि कोई काम करते पाया गया, तो उसे लिपिकों की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल की वजह से जिलेभर के ऑफिसों में काम प्रभावित हो रहे हैं। कई ऐसे काम बंद हैं, जिनकी पुरानी फाइलें लिपिकों के पास थी। उन फाइलों को ढूंढने के लिए अधिकारयों को अब खुद ही पोटलियां खोलना पड़ रही हैं।
कोई भी कहे हमारे काम मत करना
हड़ताल पर बैठे लिपिकों द्वारा ऑफिसों का भ्रमण किए जाने की जानकारी मिलने से जहां कई लिपिक तो काम छोड़कर भागने में सफल हो गए, लेकिन कई पकड़े गए। वहीं कई ऑफिसों में लिपिकों का काम कंप्यूटर ऑपरेटर करते मिले। इससे लिपिकों ने उन्हें धमकाया कि कोई भी अधिकारी कहे या जनप्रतिनिधि हमारे काम से हाथ मत लगाना, क्योंकि यदि तुम यहां हमारा काम करोगे तो फिर हड़ताल का मतलब क्या है। साथ ही यह भी कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर अपना खुद का काम करें और लिपिकों का काम करके हड़ताल को विफल करने का प्रयास न करें।