
अशोकनगर. बैंक खाते अब बैंकों में सुरक्षित नजर नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि एक महिला ग्राहक के खाते में किसी ने डेढ़ महीने में दो बार 7.25 लाख रुपए जमा किए और वह राशि पांच किस्तों में खाते से निकल भी गई। महिला ने जब पासबुक की एंट्री कराई तो उसे अपने खाते में हुए लेन-देन की जानकारी मिली। महिला और उसके ससुर का आरोप है कि जब उन्होंने बिना जानकारी खाते से हुए लेन-देन की शिकायत की तो मैनेजर ने उन्हें फटकार कर भगा दिया।
मामला शहर की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा का है। शहर के वार्ड क्रमांक 21 के गोशाला रोड निवासी सुषमा कुशवाह ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जनधन खाता खुलवाया। इसमें वह बचत की जाने वाली राशि को जोडऩे के लिए खाते में जमा कर रही थी। मंगलवार को जब उसने पासबुक में एंट्री करवाई तो पता चला कि किसी ने उसके खाते में 22 जनवरी को 6.13 लाख रुपए और एक मार्च को 1.11 लाख रुपए जमा किए।
साथ ही खाताधारक की जानकारी के बिना ही यह राशि पांच बार में खाते से निकाल भी ली। खाते में राशि खुद खाताधारक द्वारा निकालना दर्ज किया गया। इससे वह ससुर अमरसिंह कुशवाह के साथ बैंक शाखा पहुंची। अमरसिंह कुशवाह का आरोप है कि जब उन्होंने पास बुक दिखाकर खाते में हुए लेन-देन को दिखाया तो मैनेजर ने उनकी बात न सुनकर उन्हें भगा दिया। हालांकि शाखा प्रबंधक इसे गलत एंट्री होना बता रहे हैं।
181 पर की मामले की शिकायत
बहू के खाते से बैंक द्वारा की गई राशि की जमा-निकासी की शिकायत अमरसिंह ने सीएम हेल्पलाइन पर भी की है। साथ ही उनकी बहू के खाते में राशि जमा करने और निकालने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करने की मांग भी की है। अमरसिंह कुशवाह का कहना है कि इतनी राशि का उनके खाते से लेन-देन हो जाने से वह इंकम टैक्स के दायरे में आ गए हैं और वह इस राशि का टैक्स कैसे भरेंगे।
परिवार के सदस्य के साथ खाताधारक महिला आई थी, उसके खाते में गलत एंट्री हो गई है। जिस समय इन्होंने अपनी पासबुक में एंट्री कराई, उस समय किसी अन्य व्यक्ति के खाते की कमांड दी हुई थी, जो इनकी पासबुक पर दर्ज हो गई है। खाताधारक को उसके खाते का स्टेटमेंट निकालकर दिया जाएगा।
एमपी श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया