
अशोकनगर। शहर की सडक़ों पर फैले अतिक्रमण और रास्तों पर खड़े वाहनों की समस्या से जूझ रहे लोगों की समस्या देख यातायात पुलिस ने कार्रवाई की। इसके लिए पुलिस टीम हाथों में लॉक लेकर पहुंची और जहां भी सडक़ पर वाहन खड़े दिखे, उन वाहनों के पहियों पर पुलिस ने लॉक लगा दिए। बाद में वाहनों के 16 चालान बनाए और दो न्यायिक चालान बनाए गए।
अतिक्रमण की वजह से शहर की सडक़ों पर जाम की समस्या और आवाजाही में होने वाली लोगों की परेशानी को देखते हुए पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कराया था। इस पर सूबेदार अजय प्रताप सिंह ने गंभीरता दिखाते हुए शहर में पहुंचकर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।
सडक़ पर दुकानों का सामान पड़ा देख सूबेदार ने कहा कि त्यौहार है तो क्या पूरी दुकान पर भी सामान रखकर कब्जा कर लोगे। साथ ही दुकानदारों को सडक़ से अतिक्रमण हटाने की हिदायत की, वहीं चेतावनी भी दी कि यदि फिर से सामान सडक़ों पर रखा गया तो कार्रवाई की जाएगी।
शहर के गांधी पार्क और इंदिरा पार्क सहित अन्य स्थानों पर सडक़ किनारे या सडक़ पर ही कब्जा जमाकर खड़े वाहनों के चालान बनाए। इसमें चार फोर व्हीलर, नौं दोपहिया वाहन और दो टै्रक्टर शामिल हैं। वाहनों से 6500 रुपए समन शुल्क वसूल किया गया और सडक़ों पर लगे हाथ ठेलों को भी हटवाया गया।
उधर शहर के ईसागढ़ रोड पर लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के निर्माण शुरू कर दिए थे। इससे नपा ने उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था , लेकिन जब निर्माण नहीं रुका तो सीएमओ ने तहसील कार्यालय मदद मांगी थी।
इस पर नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को रुकवाया था और अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। खास बात यह है कि नपा की टीम मशीनें और पुलिस लेकर अतिक्रमण को हटाने पहुंच गए थे, लेकिन बाद में बिना हटाए ही टीम वापस लौट गई। जो शहर में चर्चा का विषय बनी हुआ था।