एशिया

अफगानिस्तान ने ईरान के चार तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया

यह प्रतिबंध 16 सितंबर से प्रभावी हैं,प्रतिबंधित सामानों में तेल उत्पाद,सीमेंट,इस्पात उत्पाद,टाइल्स और सेरेमिक्स शामिल हैं

2 min read
Sep 17, 2018
अफगानिस्तान ने ईरान के चार तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया

तेहरान। अफगानिस्तान के सीमा शुल्क विभाग ने ईरान के चार तरह के उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधित सामानों में तेल उत्पाद,सीमेंट,इस्पात उत्पाद,टाइल्स और सेरेमिक्स शामिल हैं। यह प्रतिबंध 16 सितंबर से प्रभावी हैं। ईरान के चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज, माइन्स एंड एग्रीकल्चर के सदस्य अली शरीयाती ने कहा कि अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के समान ही यह प्रतिबंध लगाए गए हैं। गौरतलब है कि अमरीका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके पड़ोसी देशों प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उसका कहना है कि सभी देश ईरान से कच्चे तेल को आयात कराना बंद करें। इस तरह से ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

परमाणु कार्यक्रम पर अड़िग ईरान

ये भी पढ़ें

प्रतिबंधों के खिलाफ ईरान का पलटवार, ओपेक पर अमरीकी खिलौना बनने का आरोप

ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी भी अड़िग है और वह इसे आगे बढ़ाना चाहता है। अमरीका कहना है कि रवैये ने पूरी दुनिया में अस्थिरत खड़ी कर दी है। उसका आरोप है कि ईरान परमाणु हथियारों का जखिरा तैयार कर रहा है। यह पूरी दुनिया के लिए खतरा होगा। वहीं ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद नहीं कर सकता है। इससे वह देश विकास कार्यों में लगा रहा है। देश में बिजली आपूर्ति इसी पर निर्भर है।

दबाव के बीच ईरान—भारत की बैठक

गौरतलब है कि ईरान से संबंधों को कम करने के अमरीकी दबाव के बीच पिछले दिनों भारत ने काबुल में पहली बार ईरान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय बैठक की। इस दौरान तीनों पक्षों ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को लागू करने और आतंक रोधी सहयोग को बढ़ाने सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय दल का नेतृत्व विदेश सचिव विजय गोखले जबकि ईरानी दल का नेतृत्व उप विदेश मंत्री अब्बास अरागची कर रहे थे। इस बैठक की अध्यक्षता अफगानिस्तान के उप विदेश मंत्री हेकमत खलील करजई ने की। तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि बैठक में चाबहार सहित आर्थिक सहयोग को मजबूत करने ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ अभियान, नशीले पदार्थों के खिलाफ मुहिम पर सहयोग बढ़ाने और अफगानिस्तान द्वारा संचालित और स्वामित्व वाली शांति और सुलह प्रक्रिया के निरंतर समर्थन पर भी चर्चा हुई।

ये भी पढ़ें

अमरीका की चेतावनी: ईरान पर प्रतिबंधों को गंभीरता से लिया जाए, अन्यथा भुगतने होंगे परिणाम
Published on:
17 Sept 2018 12:41 pm
Also Read
View All