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बांग्लादेश: 1971 के युद्ध से मामले में 2 को फांसी, 100 लोगों की हत्या के जिम्मेदार

3 न्यायाधीशों की बेंच ने दोनों को दोषी करार दिया
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Nov 06, 2018
bangladesh announces capital punishment for two in 1971 war crime
बांग्लादेश: 1971 के युद्ध से मामले में 2 को फांसी, 100 लोगों की हत्या के जिम्मेदार

ढाका। बांग्लादेश की एक विशेष अधिकरण ने 1971 में हुए मुक्ति संग्राम के दौरान संलिप्त रहे हर तरह के अपराधियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया है। अधिकरण ने उस वक्त हुए मानवता के खिलाफ अपराधों, युद्ध अपराधों और पाकिस्तानी सैनिकों के मदद करने से संबंधित सत्तारूढ़ अवामी लीग के एक पूर्व नेता समेत 2 लोगों को फांसी की सजा सुनाई। इनके सजा का ऐलान सोमवार को किया गया।

3 न्यायाधीशों की बेंच ने दोनों को दोषी करार दिया

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध अधिकरण के अंतर्गत प्रमुख मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम की अगुवाई वाली 3 न्यायाधीशों की बेंच ने दोनों को दोषी करार देते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई। आपको बता दें कि इन दोनों दोषियों की उम्र लगभग 60 साल है। बताया जा रहा कि फिलहाल वे फरार हैं।

पाकिस्तानी सेना का साथ देने का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष के वकीलों का इन दोनों पर आरोप था कि ये पाकिस्तानी सेना का साथ देतेे हुए अपने इलाकों के आसपास करीब 100 लोगों की हत्या के जिम्मेदार हैं। मारे गए लोगों में ज्यादातर हिन्दू अल्पसंख्यक थे। बता दें कि इन दोनों के फरार होने के बावजूद भी यह मुकदमा उनकी गैर मौजूदगी में चलाया गया।

अबतक 53 लोगों को हो चुकी है फांसी

दोनों दोषियों में से अली अवामी लीग की ओर से लियाकल पूर्वोत्तर किशोरगंज में लखई उप जिले का प्रमुख था। गौरतलब है कि इससे पहले मुक्ति संग्राम से जुड़े अपराधिक मामलों में 53 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें से ज्यादतर अपराधी कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के नेता हैं। ये सभी बांग्लादेश की आजादी का विरोध करने के दोषी पाए गए थे। यही नहीं दोषियों में से कुछ मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी के भी सदस्य हैं।

Published on:
06 Nov 2018 02:41 pm