
चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच टेंशन की जो स्थिति है, वो जगजाहिर है और किसी से छिपी नहीं है। दोनों देशों के बीच कई सालों से टेंशन बनी हुई है। इसकी वजह है ताइवान पर हक। चीन के अनुसार ताइवान पर उसका हक है। दूसरी तरफ ताइवान के अनुसार वो एक स्वतंत्र देश है। दुनिया के कई देश भी ताइवान पर चीन का हक नहीं मानते और ताइवान को स्वतंत्र देश मानते हैं। पिछले कुछ महीनों से चीन ने ताइवान बॉर्डर के आस-पास एक्टिविटी बढ़ा दी है। हाल ही में चीन ने इस पूरे मामले पर एक बड़ा एक्शन लिया है।
वीकेंड पर चीन ने किया बड़े लेवल पर युद्धाभ्यास
चीन ने इस वीकेंड पर ताइवान बॉर्डर के पास बड़े लेवल पर युद्धाभ्यास किया है। इस युद्धाभ्यास में चीन ने 71 वॉरप्लेन्स का इस्तेमाल किया है, जो एक बड़ा आँकड़ा है। इस बात की जानकारी ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने दी है।
ताइवान के एयर डिफेंस जोन में भी किया प्रवेश
ताइवान की राजधानी ताइपे (Taipei) स्थित डिफेंस मिनिस्ट्री ने जानकारी देते हुए बताया कि चीन की तरफ से किए गए इस युद्धाभ्यास में 71 वॉरप्लेन्स में से 60 फाइटर जेट्स थे। इनमें से 47 फाइटर जेट्स ने युद्धाभ्यास ताइवान के एयर डिफेंस जोन में भी प्रवेश किया। रूस के यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ने के बाद से ही चीन के ताइवान के खिलाफ इसी तरह का एक्शन लेने की अटकलें भी तेज़ हो गई थी। ऐसे में चीन के इस तरह के कदमों से दोनों देशों के बीच टेंशन की स्थिति और भी बढ़ सकती है।
चीन की तरफ से बताई गई वजह
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (People's Liberation Army) ने इस पूरे मामले पर कमेंट करते हुए इसकी वजह बताई। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने इस युद्धाभ्यास के पीछे अमरीका के पिछले कुछ समय में लगातार ताइवान को उकसाने और उन्हें समर्थन देने को वजह बताया है।
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