अफगानिस्तान में सैन्य अड्डा बनाने की खबरों का चीन ने खंडन करते हुए कहा है कि यह सच नहीं है।
बीजिंग। चीन ने बुधवार को अफगानिस्तान में सैनिक अड्डा बनाने को लेकर मीडिया की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि यह सच नहीं है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन अफगानिस्तान को सैनिक अड्डा बनाने में मदद करके आखिरकार वहां अपनी सेना तैनात करने की योजना बना रहा है। हांगकांग के एक अखबार के अनुसार, बीजिंग ने अफगानिस्तान के सैनिकों के लिए दोनों देशों के संकरे गलियारे में प्रशिक्षण शिविर बनाना शुरू कर दिया है। दैनिक अखबार ने सूत्र के हवाले से बताया कि काबुल के आतंकवाद रोधी प्रयासों में गति प्रदान करने के लिए बीजिंग पूरा धन म़ुहैया करवा रहा है।
चीनी अखबार ने किया था खुलासा
अखबार ने एक अन्य सूत्र के हवाले से कहा कि एक बार शिविर पूरा हो जाने के बाद पीपल्स लिब्रेशन आर्मी अपने सैकड़ों सैनिकों को अफगानिस्तान के वाखान गलियारे में भेज सकता है। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि यह सच नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से जब यह पूछा गया कि रिपोर्ट का कौन सा हिस्सा सही है तो उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि रिपोर्ट में जिस बात का जिक्र किया गया कि चीन सैनिक अड्डा बनाने पर विचार कर रहा है। अगर सैनिक अड्डा बनाने की बात सच नहीं है तो इसके बाद की बात भी सच नहीं है।"
अफगानिस्तान पर है चीन की नजर
अफगानिस्तान के बडख्स्तान प्रांत से चीन के शिनजियांग को जोड़ने वाले गलियारे के भूमि बंजर और निवास योग्य नहीं हैं। चीन ने शिनजियांग में अलगावादी होने के संदेह में उईगर मुस्लिम के विरुद्ध व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। चीन की अपनी सुरक्षा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड परियोजना को लेकर अफगानिस्तान उसके लिए काफी अहम हो गया है।