
चीन ने रोहिंग्या मामले की जांच में डाला अड़ंगा, राजनैतिक समाधान की मांग की
म्यांमार। म्यांमार के सैन्य शासक का समर्थन करने वाले चीन ने रोहिंग्या मुद्दे के राजनैतिक समाधान की मांग की। उसने कहा कि एकतरफा आरोप और दबाव काम नहीं करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय का यह बयान संयुक्त राष्ट्र के जांच अधिकारियों के सेना प्रमुख समेत म्यांमार के शीर्ष सैन्य नेताओं के खिलाफ देश में रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के लिए मुकदमा चलाने की मांग किए जाने के एक दिन बाद आया है। चीन ने कहा कि वह खुद इस प्रकार की समस्या को झेल रहा है। पश्चिमी देशों को इस बीमारी के बारे में कुछ पता नहीं है इसलिए उन्हें इस बारे मे मौन धारण करना चाहिए।
सात लाख रोहिंग्या देश से भागे
सेना के पिछले साल कार्रवाई शुरू करने के बाद तकरीबन सात लाख रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार के उत्तरी रखाइन प्रांत से भागकर बांग्लादेश चले गए थे। सैनिकों और उग्र भीड़ द्वारा आगजनी,हत्या और महिलाओं से बलात्कार किए जाने की खबरें आई थीं। म्यांमार एक बौद्ध देश है। उसने जातीय सफाए के आरोपों का खंडन किया है। संयुक्त राष्ट्र जांच अधिकारियों की सिफारिश पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि मुद्दे का समाधान करने के लिए राजनैतिक हल ढूंढने की जरूरत है।
बांग्लादेश और म्यांमार अधिक संवाद करेंगे
प्रवक्ता ने कहा कहा कि रखाइन प्रांत का इतिहास,धर्म और जातीय समूह के मामले में जटिल पृष्ठभूमि है। हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश और म्यांमार अधिक संवाद करेंगे और रखाइन प्रांत में शांति,स्थिरता और खुशहाली में योगदान करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि चीन के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में म्यांमार के खिलाफ कार्रवाई की राह में अड़ंगा लगाने और क्या वह इस मुद्दे पर ऐसा करना जारी रखेगा तो हुआ ने कहा कि वह वस इस बात से सहमत नहीं हैं कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार के खिलाफ कार्रवाई को अवरूद्ध किया है।
Published on:
29 Aug 2018 10:10 am
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