
amu teacher
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर लतीफ हुसैन शाह काजमी ने चीन के पेकिंग विश्वविद्यालय में आयोजित 24वीं विश्व कांग्रेस ऑफ फिलॉसफी-2018 में ‘‘मानव अधिकारों में इस्लामी परिप्रेक्ष्यः एक अवलोकन‘‘ विषय पर एक पेपर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस्लामी परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकारों पर वार्ता से ही विश्वशांति और समृद्धि संभव है।
इस्लामी नैतिक सिद्धांतों को अपनाने का आग्रह
अपने पेपर में प्रोफेसर काजमी ने जोर देकर कहा कि इस्लाम में मानवाधिकारों की अवधारणा ईश्वर के लिये एकता, इस्लाम के पैगंबर की सीरत और भगवान के लिए उनके प्यार और मानवता की सेवा के विचार में आधारित है। उन्होंने कहा कि उनके वफादार साथी इमाम, सूफी और अन्य दार्शनिकों के पैगंबर व्यवहार और प्रथाओं सहित इस्लामी शिक्षाओं के क्षेत्र ने मुसलमानों से शांति, सार्वभौमिक सद्भावना और प्यार के साथ मानव जाति की सेवा बनाए रखने एवं मानवाधिकारों के लिए इस्लामी नैतिक सिद्धांतों को अपनाने का आग्रह किया। प्रोफेसर काजमी ने कहा कि इस्लामी परिप्रेक्ष्य से मानवाधिकारों पर एक वैश्विक वार्ता पूरी मानव जाति के लिए विश्व शांति और समृद्धि लाने में मदद कर सकती है। उन्होंने अपने व्याख्यान में ‘पशु‘ अधिकारों के इस्लामी परिप्रेक्ष्य पर भी प्रकाश डाला।
हृदय की अनियमित धड़कन की पहचान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सेंटर ऑफ कार्डियालोजी द्वारा इलेक्ट्रोफिजियोलोजी कार्याशाला का आयोजन किया गया, जिसके प्रतिभागियों को हृदय की अनियमित धड़कन की पहचान तथा उसकी चिकित्सा के बारे में बताया गया। कार्यशाला इलेक्ट्रोफिजियोलोजी (ईपी) के प्रमुख विशेषज्ञ तथा कार्याशाला के रिसोर्स पर्सन डॉ. राजीव शर्मा ने डॉ. मलिक एम अजहरउद्दीन के साथ मिलकर चार रोगियों का ईपी परीक्षण किया। जिनमें से तीन रोगियों को बाद में सफलता पूर्वक रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन (आरएफए) किया गया। इससे पूर्व सेंटर ऑफ कार्डियालोजी के निदेशक प्रोफेसर आसिफ हसन ने बताया कि जेएन मेडिकल कॉलेज में एबलेशन के 13 केस किये जा चुके हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक सोमवार को नये ओपीडी कॉम्प्लेक्स में ओपीडी नम्बर 14 में स्पेशल अरदमियां क्लीनिक में रोगी आकर अपनी चिकित्सा करा सकते हैं।
कौशल विकास कार्यक्रम तीन सितम्बर से
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कला संकाय लाउंज में रोजगार की प्राप्ति के लिये आवश्यक कौशलताओं के विकास के लिये अपनी प्रकार का पहला कार्यक्रम तीन सितम्बर 2018 से आयोजित किया जा रहा है जो पांच दिन तक चलेगा। यह कार्यक्रम ट्रेनिंग एंव प्लेसमेंट कार्यालय द्वारा आयोजित किया जायेगा। जिसका उद्देश्य छात्रों के हुनर को बढ़ाना, उनके अन्दर से साक्षात्कार के प्रति भय को समाप्त करना, प्रदर्शन एवं प्रचार की कौशलता को बेहतर करना, अंग्रेजी भाषा के प्रयोग में की जाने वाली गलतियों को रेखांकित करना तथा ग्रुप डिस्कशन के उचित तरीकों से परिचित कराना है। उद्योग एवं व्यापार के अलग अलग विषयों के विशेषज्ञ इस पाॅच दिवसीय कार्यक्रम में छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। सहायक ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी तथा लाइब्रेरी एण्ड इंफारमेशन साइंस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल मुश्ताक कार्यक्रम के समन्वयक हैं। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर केवल 30 छात्रों का चयन किया जायेगा।
Published on:
28 Aug 2018 06:32 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
