
बीजिंग। दुनियाभर के मुसलमानों ने बुधवार को खुशी और उल्लास के साथ ईद का जश्न मनाया। लेकिन चीन में ईद की रौनक नहीं दिखाई दी। चीन में जहां मुस्लिमों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, वहीं उनके सबसे बड़े पर्व त्यौहार रौनक भी पहले की तरह नहीं रही। देश के मुस्लिम बहुल इलाके शिनजियांग में इसका असर दिखा। इलाके के हेयितका मस्जिद के आसपास जहां आमतौर पर रौनक देखी जाती थी, वहां इस बार की ईद बेहद फीकी रही।
दो सालों में गिराई गईं कई मस्जिदें
शिनजियांग में अब तक दर्जनों मस्जिद ढहाई जा चुकी हैं। इसके साथ ही इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों की भारी मौजूदगी है, जिस कारण यहां रहने वाले उइगर और अन्य अल्पसंख्यक लोग दबाव में जीने को मजबूर हैं। आलम है कि उइगर मुस्लिमों की ईद बेहद फीकी गुजरी। एक मीडिया रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों को खंगालने के बाद दावा किया गया कि 2017 से यानी बीते दो सालों के अंदर ही यहां के 36 मस्जिदों और धार्मिक स्थलों को ढहाया जा चुका है।
खामोशी से ईदगाह पहुंचे लोग
परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। यहां की बची हुई मस्जिदों में भी श्रद्धालुओं को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है। यही नहीं उनकी आवाजाही भी CCTV कैमरे की निगरानी में की जाती है। मीडियाकर्मियों से अपनी पहचान छिपाते हुए कई उईगर मुस्लिमों ने अपनी खराब हालात के बारे में बताया। एक शख्स ने कहा कि यहां स्थिति बेहद सख्त हो चुकी है। उसने बताया कि बुधवार को दिल मजबूत करके जिन्होंने ईद मनाने का फैसला किया, वे बड़ी भी खामोशी से ईदगाह मस्जिद पहुंचे। चीन की सबसे बड़ी मस्जिदों में एक के आसपास की सड़कों, इमारतों पर सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मी आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए थे।
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शख्स ने बताया कि पहले जहां मुसलमानों के रोजा रखने पर रेस्तरां में उमड़ी भीड़ को पूरे दिन भोजन परोसा जाता था। बीते दिनों होतन में सूर्यास्त के बाद भी इस इकलौती मस्जिद में सूनापन का माहौल था। दिन में भी करीब 100 लोग ही नमाज पढ़ने पहुंचे थे, जिनमें से ज्यादातर बुजुर्ग मुसलमान थे।
लंबे समय से जारी है मुस्लिमों पर अलग-अलग प्रतिबंध लगाने का सिलसिला
गौरतलब है कि लंबे समय से चीन सरकार चीनी समाज को धर्मनिरपेक्ष बनाने की कवायद में जुटी है। शिनजियांग प्रशासन का दावा है कि वह धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करती है। साथ ही नागरिक कानून की सीमा के दायरे में रहते हुए रमजान मना सकते हैं। लेकिन बीते कुछ समय में चीन में जो स्थिति बरकरार है उसे देखकर लोगों में यह डर होना लाजमी है।
कथित इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ अभियान के तहत, हाल ही में चीन में मुसलमानों पर थोपे गए कुछ प्रतिबंध ये हैं-
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