चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को तैनात किया है।
नई दिल्ली। चीन ने गुरुवार को दक्षिण चीन सागर में तैनात मिसाइलों का बचाव किया है। चीन ने दावा करते हुए कहा है कि दक्षिण चीन सागर पर उसका निर्विवाद अधिकार है। बता दें कि चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को तैनात किया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने वाय जे-12बी जहाजरोधी मिसाइल तैनात की हैं, जो 295 समुद्री मील की दूरी तक जहाजों पर हमला कर सकती है। जबकि सतह से हवा में मार करने वाली एच क्यू-9बी मिसाइल भी तैनात की गई है जो 160 समुद्री मील तक विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों पर हमला कर सकती है। बता दें कि चीन हमेशा से पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताता रहा है, जबकि इसके विपरित वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनई और ताइवान दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताते हैं।
स्पार्टली द्वीप समूह पर चीन ने किया दावा
गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में तैनात मिसाइलों के बचाव में मीडिया से बात करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ने गुरुवार को कहा 'चीन का नान्शा (स्पार्टली के नाम से जाना जाता है) द्वीप और उससे जुड़े द्वीप समूहों पर निर्विवाद संप्रभुता है।’ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वियतनाम और ताइवान स्पार्टली द्वीप पर अपना दावा करते रहे हैं। बता दें कि चुनयिंग ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखने के लिए दक्षिण चीन सागर में अपनी गतिविधियां लगातार करता रहेगा। उन्होंने कहा कि मिसाइलों की तैनाती किसी देश के खिलाफ नहीं है बल्कि अपने देश को सुरक्षित करने के लिए किया गया है। इसे लेकर किसी भी पक्ष को चिंतित नहीं होना चाहिए।
चीन ने किया था सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास
आपको बता दें कि इससे पहले अमरीकी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन दक्षिण चीन सागर में 3 जगहों पर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को तैनात किया है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि पिछले 30 दिनों के भीतर इन मिसाइलों को फेयरी क्रॉस रीफ, सूबी रीफ और मिसचीफ रीफ पहुंचाया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि चीन ने दक्षिण चीन सागर में अबतक का अपना सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास किया था। इस सैन्य अभ्यास के जरिए चीन ने अपनी ताकत दिखाते हुए पहली बार एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और अपने सबसे ज्यादा आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन भी किया था। चीन ने यह अभ्यास ऐसे वक्त में किया था जब अमरीका ने फ्रीडम ऑफ नैविगेशन के तहत चीन द्वारा बनाए गए कृत्रिम द्वीपों के पास से अपने युद्धपोतों और एयरक्राफ्ट्स को भेजा था।