पंजाब से पाकिस्तान गई सिख महिला किरण बाला के इस्लाम कबूल कर निकाह करने के मामले में अब महिला के ससुर ने मोदी और कैप्टन सरकार से गुहार लगाई है।
नई दिल्ली। पंजाब से पाकिस्तान गई सिख महिला किरण बाला के इस्लाम कबूल कर निकाह करने के मामले में अब महिला के ससुर ने मोदी और कैप्टन सरकार से गुहार लगाई है। महिला के ससुर तरसेम सिंह का कहना है कि उनकी बहू सिख जत्थे के साथ गुरुद्वारा पंजा साहिब के दर्शन करने के लिए पाकिस्तान गई थी, वहां उसका जबरन धर्मांतरण करवा दिया गया और बाद में शादी करने पर मजबूर किया गया। उनका कहना है कि उनकी बहू किसी पाकिस्तानी एजेंसी के हाथ में पड़ गई है। आपको बता दें कि किरण बाला विधवा हैं और उनके तीन बच्चे भी हैं।
उच्च स्तर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं
होशियारपुर से महिला के पीड़ित परिवार ने इस मामले में केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की कैप्टन सरकार से हस्तक्षेप कर महिला को इस संकट से बाहर निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि किरण बाला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जाल में फंस गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय या भारतीय उच्चायोग ने अभी तक महिला की चिट्ठी पर कोई टिप्पणी नहीं दी है।
महिला के नाम से आई चिट्ठी में वीजा अवधि बढ़ाने की अपील
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में किरण बाला के नाम से एक चिट्ठी पहुंची है। इस चिट्ठी में उसने अपना नया नाम आमना बीबी बताया है और साथ ही वीजा की अवधि बढ़ाने की अपील की है। चिट्ठी में कहा गया कि उसने 16 अप्रैल लाहौर के रहने वाले मोहम्मद आजम नाम के शख्स से शादी की थी। मौजूदा वीजा की अवधि 21 अप्रैल तक ही है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी मीडिया ने यह भी दावा किया है कि महिला ने भारत में अपनी जान को खतरे में बताते हुए भारत जाने से इनकार कर दिया है। इस मामले को लेकर दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव की एक और वजह खड़ी हो सकती है।