HIGHLIGHTS पाकिस्तान में कोरोना की वजह से आर्थिक हालात पहले से खराब सरकार ने माना- करीब 1.8 करोड़ लोगों की जा सकती है नौकरी पाकिस्तान में अब तक कोरोना से 35 की मौत
इस्लामाबाद। कोरोना के कहर के बीच पूरी दुनिया में आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। कई देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आगे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसी बीच पाकिस्तान के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है।
दरअसल, पहले से ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान को कोरोना वायरस की वजह से अधिक संकटों को सामना करना पड़ सकता है। पाकिस्तान की सरकार ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच अनुमान लगाया है कि देश में महामारी के चलते केवल तीन महीनों के भीतर ही अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।
इसके कारण देश में 1 करोड़ 23 लाख से लेकर 1 करोड़ 85 लाख लोग अपनी नौकरी जा सकती है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ प्लानिंग ने गुरुवार को विभिन्न सरकारी संस्थाओं से प्राप्त जानकारी और पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स द्वारा किए गए शोध पर आधारित प्रारंभिक अनुमानों पर एक बैठक में चर्चा की।
पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 35 की मौत
सरकार ने कहा है प्रारंभिक अनुमानों से पता चला है कि सीमित प्रतिबंध लगाने जाने पर लगभग 14 लाख नौकरियां जाएंगी, जो देश के एम्प्लॉइड वर्कफोर्स के 2.2 प्रतिशत के बराबर हैं। मध्यम प्रतिबंधों के तहत यदि निजी कार्यालय और अधिकांश दुकानों को बंद कर दिया जाए और केवल आवश्यक दुकानों को खोलें तो सरकार के अनुमान के हिसाब से 1 करोड़ 23 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने प्लानिंग कमीशन के डिप्टी चेयरमैन जहांजेब खान के हवाले से कहा, 'रोजगार पर हम यह आकलन कर सकते हैं कि मध्यम प्रतिबंधों के तहत 1.2 कोरड़ तक लोग बेरोजगार हो सकते हैं, जो एम्प्लॉइड लेबर फोर्स का लगभग 20 प्रतिशत है।’ उन्होंने आगे कहा, 'पूरी तरह से बंद की बात करें तो, सरकार का मानना है कि एम्प्लॉइड लेबर फोर्स के लगभग 30 प्रतिशत का नुकसान देश को होगा, जिसके चलते 1 करोड़ 85 लाख लोग बेरोजगार होंगे।’
आपको बता दें कि पाकिस्तान मे? कोरोना वायरस ?? से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,441 हो गई है। भारत में कोरोना से अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पूरी दुनिया में 972,640 लोग जाना गवां चुके हैं।