एशिया

माउंट एवरेस्ट पर एक अमरीकी पर्वतारोही की मौत, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 11

इस साल माउंट एवरेस्ट फतह करने के दौरान जिन 11 लोगों की मौत हुई है उसमें 4 भारतीय शामिल हैं। पर्वतारोहियों की संख्या अधिक होने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। 14 मई से शुरू हुआ एवरेस्ट चढ़ाई का सत्र शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा।

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May 29, 2019
माउंट एवरेस्ट पर भीड़ के कारण एक अमरीकी पर्वतारोही की मौत, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 11

काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट ( mount everest ) को फतह करने के क्रम में अब एक अमरीकी नागरिक की मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 11 पहुंच गया है। इनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। मरने वाले अमरीकी नागरिक की पहचान 61 वर्षीय क्रिस्टोफर जॉन कुलिश के रूप में हुई है, जिसने सोमवार को एवरेस्ट फतह करने के बाद अंतिम सांस ली। सोमवार की शाम को वह सुरक्षित दक्षिण कोल में आ गया था, लेकिन अचनाक दिल का दौरान पड़ने के कारण उनकी मौत हो गई। पर्यटन विभाग की एक वरिष्ठ अधिकारी मीरा आचार्य ने मीडिया से बात करते हुए ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में मरने वालों की संख्या 11 रिपोर्ट की जा रही है कि जबकि नेपाल ( Nepal ) पर्यटन मंत्रालय की ओर से 9 लोगों के मरने की पुष्टि की जा रही है।

चार भारतीय नागरिकों की मौत

बता दें कि माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए चढ़ाई करने के सत्र की शुरुआत 14 मई को हुई थी, जो कि आने वाले शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा। इस दौरान अब तक चढ़ाई करने के दौरान विभिन्न कारणों से चार भारतीय नागरिकों की भी मौत हो गई है। इसमें से दो की मौत कंचनजंगा और दो की मकालु में हुई थी। हालांकि हिमालय में अब तक कुल 8 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो चुकी है। चढ़ाई करने के लिए सबसे पूरे विश्व में से भारत के सबसे अधिक 78 पर्वतारोही इस अभियान में शामिल हैं। 22 मई तक 220 पर्वतारोहियों ने चोटी पर पहुंच कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। 20 मई से शुरू होने वाले सप्ताह के दौरान पर्वतारोहियों की भीड़ शिखर पर एक कतार में फंस गई। पर्वत पर 8,000 मीटर (26,247 फीट) की ऊंचाई पर कैंप लगाया गया। माउंट एवरेस्ट का शिखर 8,848 मीटर (29,029 फीट) ऊंचा है। बहुत सारे पर्वतारोही अतिरिक्त ऑक्सीजन की आपूर्ति के बिना ही रहे और जिस क्षेत्र में जाम लगा था उसे डेथ जोन कहा जाता है। बता दें कि 2018 में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 2016 और 2017 में क्रमश: 6 व 5 लोगों की मौत हुई थी। 2015 में भयानक हादसे में 20 पर्वतारोहियों की मौत हुई थी।

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Updated on:
29 May 2019 11:41 am
Published on:
29 May 2019 12:53 am
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