
जकार्ता। पाकिस्तान और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में दहशत मचाने के बाद अब भूकंप के झटकों ने इंडोनेशिया को दहलाया है। गुरुवार को इंडोनेशिया में भूंकप के तेज थर्रराहट महसूस की गई, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.5 मापी गई है। भूकंप की वजह से अबतक 20 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं।
दर्जनों लोग घायल
इसके साथ ही इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। प्रांत की राजधानी एंबन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी की सचिव ईवा तुहमुरी ने बताया कि भूकंप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी, जिससे लोग अपने घरों से भागने के लिए मजबूर हो गए। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की माने तो भूकंप का केंद्र मध्य इंडोनेशिया में मलूक प्रांत में सेरम द्वीप के पास लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर था। यह एपीसेंटर 9.9 किलोमीटर की गहराई में बताया जा रहा है।
सुनामी का भी अलर्ट नहीं
अधिकारी ने कहा कि एक विश्वविद्यालय की इमारत व एक पुल के साथ ही शहर में भूस्खलन से अन्य इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा, 'भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई इमारतों के कुछ हिस्सों से गिर रहे कंक्रीट की चपेट में आकर छह लोगों की मौत हो गई।' हालांकि, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने भूकंप के बाद किसी तरह की सुनामी का अलर्ट जारी नहीं किया है।
भूकंप के बाद सुबह 7:39 बजे 5.6 तीव्रता का एक अन्य भूकंप (आफ्टरशॉक) भी महसूस किया गया। आपको बता दें कि, इंडोनेशिया में बार-बार भूकंप आने का कारण है इसकी भौगोलिक स्थिति है। दरअसल, इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के बेसिन 'रिंग ऑफ फायर' पर बसा हुआ है, जो कि भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की चपेट में है।