फजलुर रहमान ने इमरान सरकार के खिलाफ 27 अक्टूबर को 'आजादी मार्च' निकालने का एलान किया है फजलुर रहमान ने कहा है कि यदि उनके मार्च को रोका गया तो पूरे पाकिस्तान को जाम कर देंगे
पेशावर। पाकिस्तान में बदहाल आर्थिक व्यवस्था और कश्मीर मामले पर नाकाम रहने को लेकर इमरान सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्ष की ओर से लगातार आन्दोलन किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में इमरान सरकार को सत्ता से हटाने के लक्ष्य के साथ मार्च निकालने का ऐलान करने वाली पार्टी जमियते उलेमाए इस्लामी फजल (JUI-F) ने कहा है कि वह इस मार्च में महिलाओं के शामिल होने की इजाजत नहीं दे सकता है।बता दें कि जेयूआई-एफ ने 27 अक्टूबर को इस्लामाबाद तक 'आजादी मार्च' निकालने का ऐलान किया है, लेकिन उसमें महिलाओं के शामिल होने पर पाबंदी लगा दी है।
पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज को एक पत्र लिखकर कहा है कि उनके इस मार्च और इस्लामाबाद में दिए जाने वाले धरने में महिलाओं को शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
पत्र में आगे कहा गया है कि यदि आप लोग (मुस्लिम लीग-नवाज) प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हों तो कृपया अपने साथ महिलाओं को मत लाएं।
इमरान सरकार को खुली चुनौती
मौलाना फजलुर रहमान ने मुस्लिम लीग-नवाज को भेजे पत्र में यह भी कहा है कि आजादी मार्च के सिलसिले में अगर कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं भेजें तो इसमें भी महिलाओं को शामिल न करें।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मौलान के पत्र के बाद मुस्लिम लीग-नवाज ने पार्टी की महिला सदस्यों से मार्च से दूर रहने के लिए कहा है।
आपको बता दें कि एक दिन पहले मौलाना फजलुर रहमान ने कहा था कि अगर उनका मार्च रोका गया तो 'फिर पूरा देश उनके लिए जंग का अखाड़ा बन जाएगा। वे लोग किसी एक जगह या रणनीति पर नहीं टिकेंगे बल्कि इसे बदलते रहेंगे।'
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