Highlights चीन (China) के च्यांगशी प्रांत के पोयांगहू झील घाटी में भारी बारिश और बाढ़ से 52.1 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ (Flood) के पानी ने पिछले महीने पोयांग झील के तट को तोड़ दिया, जिससे हजारों एकड़ खेत नष्ट हो गए।
बीजिंग। चीन में पहले कोरोना महामारी (Coronavirus) और अब बाढ़ (Flood) का कहर है। भारी बारिश के कारण लोगों का जीना मुहाल है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की कोशिश हो रही है। बाढ़ ने सबसे अधिक असर खेतों पर डाला है। कई क्षेत्रों में धान की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं।ऐसे में आम जनता पर महंगाई की मार पड़ने वाली है।
बारिश और बाढ़ से 52.1 लाख लोग प्रभावित हुए हैं
खासकर दक्षिणी चीन (South China) को विशाल जलक्षेत्रों को घेर लिया है, यहां 36 एकड़ से अधिक चावल के खेत शामिल हैं। बाढ़ के कारण अबतक 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, चीन के च्यांगशी प्रांत के पोयांगहू झील घाटी में भारी बारिश और बाढ़ से 52.1 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 4 लाख लोगों को अबतक सुरक्षित ठिकानों पर लाया जा चुका है। इस बीच अनहुई प्रांत में बाढ़ के पानी का दबाव कम करने के लिए चीन ने एक बांध को धमाके से उड़ा दिया है।
6 दशकों में चीन ने इतनी अधिक बरसात
बताया जा रहा है कि बीते 6 दशकों में चीन ने इतनी अधिक बरसात पहले कभी नहीं देखी गई। इसके कारण यहां के तमाम शहर जलमग्न हो चुके हैं। जानकारों का कहना है कि बाढ़ के कारण अब तक चीन को आठ अरब डॉलर से भी अधिक का नुकसान हो चुका है। बाढ़ के कारण तमाम शहर और कई बड़े पर्यटक स्थल प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश के कारण चीन में 33 नदियां उफान पर हैं। उधर मौसम विभाग के अनुसार पूरे सप्ताह बरसात के रुकने के कोई आसार नहीं हैं।
अब सब कुछ खत्म हो गया है
सोशल मीडिया ऐप वीचैट पर 19 वर्षीय किसान बाओ और उनके पिता पोयांग ने बताया,फसलें पूरी तरह से बबार्द हो चुकी हैं। उनका परिवार पहले ही लगभग 200,000 युआन ($ 28,000) का उत्पादन खो चुका है। चावल लगभग पक चुके थे और बाढ़ आने से पहले फसल तैयार थी। अब सब कुछ खत्म हो गया है।
बाढ़ के पानी ने पिछले महीने जियांग्शी प्रांत में पोयांग झील के तट को तोड़ दिया, जिससे हजारों एकड़ खेत नष्ट हो गए, जिसे "मछली और चावल की भूमि" के रूप में जाना जाता है। व्यापक यांग्त्ज़ी नदी बेसिन-जिसमें पोयांग झील शामिल है और पूर्व में शंघाई से 3,900 मील से अधिक पश्चिम में तिब्बती सीमा तक फैला है -देश के चावल उत्पादन का 70% हिस्सा है।
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर
ये आपदा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर है, जो कोरोनो वायरस महामारी के कारण पहले से ही नाजुक स्थिति में है। वेस्ट वर्जीनिया में बाओ की तरह कई किसानों पर बाढ़ बड़ी मुसीबत बनकर उभरी है। यहां पर करीब 13 मिलियन से अधिक एकड़ में फैली हुई बाढ़ ने चीन को भारी नुकसान पहुंचाया है। चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने नष्ट हुए खेत, सड़कों और अन्य संपत्ति में 21 बिलियन डॉलर की आपदा की प्रत्यक्ष आर्थिक लागत को आंका है। बाओ जैसे किसानों सहित कुछ 55 मिलियन लोग इससे प्रभावित हुए हैं। चीन से तनाव के कारण कई देश उसे इस मौके पर मदद नहीं करेंगे।
चीन में बाढ़, इस बीच, जल्द ही खराब हो सकती है: इस महीने के बहुत से भारी वर्षा की उम्मीद है, और चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ उत्तर में और बढ़ सकती है, जिससे देश के गेहूं और मकई की फसल को खतरा हो सकता है।