एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के साथ संबंधों को लेकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख और खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों ने अप्रत्याशित बयान दिए हैं।
नई दिल्ली। भारत को लेकर पाकिस्तानी सेना का रवैया क्या रहता है? यह बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो हाल ही में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। ब्रिटिश थिंक टैंक रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 'पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा मानते हैं कि पाकिस्तान में शांति और प्रगति के लिए भारत के साथ सैन्य संबंध बहुत जरूरी है।' हालांकि पाकिस्तान की तरफ से लगातार युद्धविराम उल्लंघन के चलते सरहद पर तनाव बरकरार है, लेकिन इसके बावजूद बाजवा यह भी मानते हैं कि शांति वार्ता की गेंद अब भारत के पाले में है।
'पाक दिवस पर उठाया था ऐतिहासिक कदम'
रिपोर्ट के मुताबिक, 'बीते महीने बाजवा और उनकी टीम ने पाकिस्तान दिवस के मौके पर भारत के सैन्य अधिकारी संजय विश्वराव और उनकी टीम को इस्लामाबाद में आयोजित परेड के लिए बुलाया था। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था।' रिपोर्ट में लिखा गया है कि बाजवा ने पाकिस्तानी सेना की तरफ से भारत के साथ शांति और बातचीत बहाल किए जाने की भी इच्छा जताई थी और सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद भारत को लेकर उनके रवैये में बदलाव नजर आया है।
छह गुना बड़े पड़ोसी देश से दुश्मनी ठीक नहीं: आईएसआई
इस रिपोर्ट में एक अन्य पाक अधिकारी की भी अहम टिप्पणी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 'आईएसआई के एनालिसिस विंग के डायरेक्टर जनरल अहमद हयात ने कहा था आप अपने ऐसे पड़ोसी से हमेशा दुश्मनी की स्थिति में नहीं रह सकते, जो आकार में आप से छह गुना बड़ा हो। पाक सेना को भारत से तब बात करनी चाहिए, जब उसकी रक्षा कूटनीति मजबूत हो और किसी भी तरह के अमरीकी दबाव से मुक्त हो।'