एशिया

आतंकवाद पर अमरीका का डबल स्टैंड, 75 आतंकियों की लिस्ट से हाफिज सईद का नाम गायब

अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के पाकिस्तान दौरे पर हुआ लिस्टों का आदान-प्रदान, पाकिस्तान को सौंपी गई लिस्ट में हक्कानी नेटवर्क है टॉप पर
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Updated: 26 Oct 2017, 9:59 AM IST
hafiz saeed

नई दिल्ली: आतंकवाद के मुद्दे पर अमरीका का दोहरा रूप देखने को मिला है। दरअसल, अमरीका के द्वारा पाकिस्तान को सौंपी गई 75 आतंकियों की लिस्ट में जमात-उद-दावा का चीफ और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद का नाम नहीं है। हैरानी वाली बात ये है कि कई बार अमरीका ही हाफिज सईद को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए दिखा है, लेकिन पाकिस्तान को सौंपी गई लिस्ट में उसका नाम नहीं है। इस बात की जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को दी। आपको बता दें कि आतंकी गतिविधि में भूमिका के लिए जमात-उद-दावा के प्रमुख पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित है। जनवरी 2017 से हाफिज सईद को पाकिस्तान में नजरबंद कर रखा गया है।

संसद में दी ख्वाजा आसिफ ने जानकारी
बुधवार को पाकिस्तानी संसद में ख्वाजा आसिफ ने बताया कि अमरीका ने हमें 75 आतंकियों की लिस्ट दी है, जबकि हमने अमरीका को 100 आतंकियों की लिस्ट दी है। इन दोनों ही लिस्टों में हाफिज सईद का नाम नहीं है। आपको बता दें कि सूचियों का ये आदान-प्रदान अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की पाकिस्तान यात्रा के दौरान हुआ है।

हक्कानी नेटवर्क टॉप पर
विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सदन में बताया, 'सूची में हक्कानी नेटवर्क शीर्ष पर है लेकिन एक भी आतंकी पाकिस्तानी नहीं है।' सईद पाकिस्तानी नागरिक है और उसके संगठन जमात-उद-दावा को अमेरिका ने 2014 में विदेशी आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था।

मौत का सौदागर है हाफिज सईद
आपको बता दें कि जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है। इसी आतंकी संगठन को 2008 के मुंबई हमले सहित भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जवाबदेह माना जाता है। अफगान स्थित हक्कानी नेटवर्क ने अफगानिस्तान में अनगिनत अपहरण और अमेरिकी हितों के खिलाफ हमले किए हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान में इस प्रतिबंधित संगठन ने भारत के खिलाफ भी कई हमले किए हैं। 2008 में हक्कानी नेटवर्क ने काबुल में भारतीय दूतावास पर हमला किया था जिसमें 58 लोग मारे गए थे।

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