एशिया

भारतीय आर्मी और चीनी सेना PLA के बीच सिक्किम-तिब्बत में हॉटलाइन स्थापित

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और भारतीय सेना के बीच रविवार को तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र के खंबा द्ज़ोंग में कोंगरा ला, उत्तरी सिक्किम में एक हॉटलाइन स्थापित की गई है।
2 min read
• •
Updated: 1 Aug 2021, 9:55 PM IST
india_china_border.png
Hotline established between Indian Army, China's PLA in Sikkim-Tibet

नई दिल्ली। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन में जारी सीमा विवाद के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। दोनों देशों की सेनाओं ने सीमाओं पर विश्वास और सौहार्दपूर्ण संबंधों की भावना को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और भारतीय सेना के बीच रविवार को तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र के खंबा द्ज़ोंग में कोंगरा ला, उत्तरी सिक्किम में एक हॉटलाइन स्थापित की गई है। भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम आज (रविवार) पीएलए दिवस के अवसर पर हुआ है। सेना ने कहा, "दोनों देशों के सशस्त्र बलों के पास जमीनी कमांडरों के स्तर पर संचार के लिए अच्छी तरह से स्थापित तंत्र हैं। विभिन्न क्षेत्रों में ये हॉटलाइन इसे बढ़ाने और सीमाओं पर शांति बनाए रखने में एक लंबा रास्ता तय करती हैं।"

सेना के मुताबिक, हॉटलाइन के उद्घाटन में संबंधित सेनाओं के ग्राउंड कमांडरों ने भाग लिया और हॉटलाइन के माध्यम से दोस्ती और सद्भाव के संदेश का आदान-प्रदान किया गया। यह पूर्वी लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में दो-दो सहित देशों के बीच स्थापित होने वाली छठी हॉटलाइन है।

भारत-चीन के बीच हुई 12वें दौर की सैन्य वार्ता

आपको बता दें कि भारत-चीन में जारी सीमा विवाद ( India China Border Talks ) के बीच शनिवार को 12वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई। दोनों देशों की कोर कमांडर स्तर की ये वार्ता करीब 9 घंटे तक चली। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के चीन की ओर ओल्डी में हुई यह बैठक शाम 7.30 बजे खत्म हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के साथ चल रहे सैन्य गतिरोध को खत्म करने को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों सेना के मध्य बातचीत निर्धारित समय पर सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों देशों में ये सहमति बनी की वार्ता का उद्देश्य 14 महीनों से अधिक समय से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में जारी गतिरोध को खत्म करना है।

बातचीत के दौरान भारत ने स्पष्टता के साथ अपनी बात दोहराते हुए हॉट स्प्रिंग और गोगरा में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया बहाल करने पर जोर दिया। बता दें कि इससे पहले भारत-चीन के बीच 11वें दौर की बातचीत 9 अप्रैल को एलएसी पर भारत की ओर चुशुल सीमा बिंदु पर हुई थी। दोनों देशों के बीच तब करीब 13 घंटे तक मैराथन बैठक हुई थी। इसमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी थी।

Updated on:
1 Aug 2021, 9:55 PM IST
Published on: