इमरान का दावा म्यांमार जैसी हिंसा के हालात पैदा होंगे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना पर उठ रहे सवालों को किया खारिज
इस्लामाबाद। भारत के नए नागरिकता संशोधन कानून ( Citizenship Amendment Act 2019 ) के खिलाफ पाकिस्तान लगातार जहर उगल रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan ) भारत के CAA के खिलाफ बयानबाजी में यहां तक कह गए कि इससे भारत में पचास करोड़ लोगों की नागरिकता खत्म हो जाएगी। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इमरान ने एक इंटरव्यू में यह बात कही।
म्यांमार जैसी हिंसा के हालात होंगे पैदा
इमरान खान ने कहा भारत में CAA के बाद नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) बनाया जाएगा और इस पूरी कार्रवाई में वहां के पचास करोड़ लोगों नागरिकता खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'भारत में मोदी सरकार अल्पसंख्यकों को किनारे लगा कर म्यांमार जैसी हिंसा के हालात पैदा कर रही है। ठीक ऐसी ही बातें म्यांमार में हुई थीं जहां पहले म्यांमार सरकार ने पंजीकरण का काम किया और फिर इसी के जरिए मुसलमानों को अलग कर उनका संहार किया। मेरी आशंका यही है कि भारत इसी दिशा में जा रहा है।'
इमरान को चिंता इतने लोगों का क्या होगा?
इमरान से पूछा गया कि क्या मौजूदा घटनाक्रम के बाद भारत से लोग पलायन कर क्या पाकिस्तान और बांग्लादेश आना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि बांग्लादेश पहले से ही चिंतित है क्योंकि असम में उन्होंने (भारत ने) पहले ही करीब बीस लाख लोगों को गैरपंजीकृत कर दिया है। मुझे ठीक-ठीक संख्या का पता नहीं है लेकिन इतने लोगों का क्या होगा?'
CPEC पर दी सफाई
इमरान ने चीन के कर्ज के जाल में फंसने की आशंका के कारण चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना पर उठ रहे सवालों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस बात का सिरे से कोई आधार ही नहीं है कि पाकिस्तान, चीन के कर्ज के जाल में फंस रहा है।