पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान सादा जीवन बिताने के लिए कई सरकारी सुविधाओं से इनकार कर दिया है।
इस्लामाबादः नया पाकिस्तान का नारा देने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। उन्होंने फैसला किया है कि प्रधानमंत्री आवास पर तैनात 254 चपरासियों की बजाय सिर्फ दो लोगों से ही काम लिया जाएगा। इमरान खान का तर्क है कि उनके इस फैसले से पाकिस्तान पर आर्थिक बोझ कम होगा। दरअसल इससे प्रधानमंत्री आवास पर 254 चपरासी तैनात रहते थे जिनका अलग-अलग काम रहता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इमरान खान के इस फैसले पर पाकिस्तान में एक तरफ स्वागत हो रहा है वहीं दूसरी तरफ विरोधी इसे दिखावा मात्र कहकर आलोचना कर रहे हैं।
बुलेटप्रूफ गाड़ियों के इस्तेमाल से इनकार
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इमरान खान ने प्रधानमंत्री काफिले में तैनात दर्जनों बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल करने से भी इनकार कर दिया है। इमरान का कहना है कि इन गाड़ियों की नीलामी की जाएगी, जिससे प्राप्त धन को सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने कहा है कि देश की गरीबी को दूर करने के लिए उनके स्तर से जो भी संभव होगा उसे किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस कदम से देश के नौकरशाहों में भी कड़ा संदेश गया है। बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल न करने के ऐलान से पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां हैरान हैं। सुरक्षा अधिकारियों को चिंता है कि आतंकवाद से ग्रसित इस देश में नेताओं को कैसे महफूज रखा जाएगा।
विदेश से निवेश की उम्मीद जताई
इमरान खान ने कहा है कि वे कोशिश करेंगे कि दुनिया भर के लोग उनके देश में आकर निवेश करें। दुनिया भर में रह रहे पाकिस्तानियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर निवेश करें और देश की तरक्की में योगदान दें। इमरान खान ने कारोबारियों समेत देश के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे टैक्स जमाकर नए पाकिस्तान के निर्माण में योगदान दें। बता दें कि पाकिस्तान में सिर्फ एक प्रतिशत लोग ही टैक्स भरते रहे हैं।