मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर चीन ने अड़ंगा लगाया था। अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने यूएन में दिया था प्रस्ताव। चीन ने अपने वीटो अधिकार के जरिए प्रस्ताव को गिरा दिया था।
पेइचिंग।आतंकवाद को लेकर हमेशा से दोहरी नीति अपनाता रहा चीन ने आतंकी संगठनजैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ( JeM chief Massod Azhar ) को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को लेकर नरमी दिखाई है। चीन ने संकेत देते हुए कहा है कि मसूद अजहर मामले को सही तरीके से हल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि अभी भी चीन ने कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की है। बता दें कि चीन की ओर से यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दो दिवसीय दौरे के ठीक बाद आया है। लिहाजा भारत की दृष्टि से इसे महत्वपूर्णा माना जा रहा है।
चीन ने मसूद पर लगाया है अड़ंगा
बता दें कि भारत आतंक को लेकर पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमेशा बेनकाब करता रहा है। हाल ही में अमरीका , ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर ( Masood Azhar ) को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रखा था, लेकिन चीन ने अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए अड़ंगा लगा दिया और एक बार फिर से मसूद बच गया। इससे पहले चीन तीन बार ऐसा कर चुका है। इस बार अमरीका ( America ), फ्रांस और ब्रिटेन ने चीन पर दबाव बनाया है जिसके बाद चीन की ओर से नरमी के संकेत मिले हैं।
बातचीत के जरिए होगा हल: चीन
चीन ने कहा है कि आतंक से निपटने को लेकर चीन का स्टेंड हमेशा से साफ रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि हम दो बिन्दुओं पर जोर देना चाहते हैं। पहला यह कि आतंक के मामले (मसूद अजहर मामले में) पर अधिकतम सदस्यों की सहमति हो और आपसी बातचीत के जरिए आगे बढ़ा जाए। दूसरा यह कि मसूद मामले पर सदस्य देशों के बीच बातचीत चल रही है जो सकारात्मक है। चीन को विश्वास है कि बहुत जल्द ही सभी सदस्य देशों में एक आम समहति बन जाएगी और हम इस दिशा में काफी आगे भी बढ़े हैं।
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