इंडोनेशिया की सेना ने बताया कि देश के जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में चरमपंथियों के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। इसी के तहत शनिवार को सुरक्षा बलों और अली कलोरा तथा उसके एक अन्य साथी के बीच मुठभेड़ हो गई।
नई दिल्ली।
इंडोनेशिया का मोस्ट वांटेड चरमपंथी अली कलोरा वहां के सुरक्षा कर्मियों से हुई मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़ शनिवार को हुई थी। इंडोनेशिया की सेना ने इसकी जानकारी साझा की है। कलोरा के खिलाफ वहां की सेना ने देश के जंगली और पहाड़ी इलाकों में लंबे समय से अभियान चलाया हुआ था।
हालांकि, यह मुहिम और भी चरमपंथियों की तलाशी के लिए चलाया जा रहा है। अली कलोरा इंडोनेशिया का मोस्ट वांटेड चरमपंथी था। वह ईस्ट इंडोनेशिया मुजाहिद यानी एमआईटी का नेता था।
इंडोनेशिया की सेना ने बताया कि देश के जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में चरमपंथियों के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। इसी के तहत शनिवार को सुरक्षा बलों और अली कलोरा तथा उसके एक अन्य साथी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में अली कलोरा और उसका साथी मारा गया। इंडोनेशियाई मिलेट्री के ब्रिगेडियर जनरल फरीद मकरुख के अनुसार चरमपंथियों के खिलाफ अभियान अभी जारी रहेगा।
ब्रिगेडियर जनरल फरीद मकरुख ने बताया कि अली कलोरा के साथ मारा गया उसका साथी भी चरमपंथी था और उसकी पहचान जका रमादान के तौर पर हुई। शनिवार देर रात हुई इस छापेमार कार्रवाई में सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल थीं। मकरुख के अनुसार, इंडोनेशिया के सेंट्रल सुलावेसी प्रांत के पहाड़ी क्षेत्र परीगी माउतोंग में यह कार्रवाई हुई। अली कलोरा की इंडोनेशियाई पुलिस और सेना को लंबे समय से तलाश थी। वह चरमपंथी संगठन ईस्ट इंडोनेशिया मुजाहिद का प्रमुख था।
फरीद मकरुख ने बताया कि अली कलोरा का संपर्क आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा था। वह एमआईटी से जुडा था और इस संगठन ने वर्ष 2014 में आतंकी संगठन आईएस यानी इस्लामिक स्टेट के साथ मिलकर काम करने और वफादारी की कसम ली थी। इंडोनेशिया की पुलिस और सेना अभी अभियान जारी रखे हुए है और एमआईटी के चार अन्य संदिग्धों की तलाशी कर रही है।