ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए किसी भी तरह की वार्ता नहीं करेगा। ईरान ने आधिकारिक बयान में ऐसी किसी वार्ता से इनकार किया है।
तेहरान। ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए किसी भी तरह की वार्ता नहीं करेगा। ईरान ने आधिकारिक बयान में ऐसी किसी वार्ता से इनकार किया है। इससे पहले खबर थी कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर छह वैश्विक ताकतों से वार्ता के लिए तैयार हो गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ऐसी खबरों को खारिज किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी के हवाले से बताया है कि ईरान ने बार-बार इसका ऐलान किया है कि उसके रक्षा कार्यक्रमों पर कभी भी किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने कहा है कि मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना ईरान का अधिकार है और वह अपने रणनीतिक एवं पारंपरिक रक्षा कार्यक्रमों के तहत इसे जारी रखेगा।
मिसाइल पर बातचीत की थी चर्चा
शुक्रवार को पश्चिमी देशों की मीडिया ने किसी अज्ञात सूत्र के हवाले से बताया था कि ईरान ने छह वैश्विक ताकतों से कहा है कि वह अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
ईरान-अमरीका में है तनाव
ईरान और अमरीका के बीच मिसाइल कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है। बीते कुछ महीनों में अमरीका ने ईरान के मिसाइल परीक्षणों से संबद्ध कुछ ईरानी और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ईरान की सेना और सरकारी अधिकारियों ने सर्वसम्मति से बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
ईरान ने अमरीका की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए बीते माह के आखिरी सप्ताह में मध्यम दूरी की एक नई मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। सरकारी टीवी पर खुर्रमशहर मिसाइल प्रक्षेपण की तस्वीरें दिखाई गई थीं। ईरान का यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती के तौर पर देखा गया था। ट्रंप ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल लोगों या ईरान के साथ कारोबार करने वालों पर जुर्माना लगाने के प्रावधान वाले विधेयक पर हस्ताक्षर किया थे। इस मिसाइल का प्रदर्शन पहली बार एक सैन्य परेड के दौरान किया गया था।