ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच पैरामिलिट्री मेंबर की हत्या के आरोप में 5 लोगों को सज़ा सुनाई गई है। कोर्ट ने इन पांचों लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है।
ईरान (Iran) में महीने भर से हिजाब के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। 22 वर्षीय ईरानी महिला महसा अमीनी (Mahsa Amini) की तेहरान (Tehran) में पुलिस की कैद में मौत होने के बाद से ही पूरे ईरान में हिजाब के विरोध में प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया था। इसी विरोध प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ईरान में सैन्य बल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ईरान में विरोध प्रदर्शन को शांत करने के लिए बासिज (Basij) पैरामिलिट्री का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी दौरान बासिज पैरामिलिट्री के एक मेंबर की हत्या कर दी गई। इस मामले में ईरान के कोर्ट ने 5 लोगों को सज़ा सुनाई है।
पांचों आरोपियों को दी गई मौत की सज़ा
ईरान के कोर्ट ने बासीज पैरामिलिट्री के मेंबर की हत्या के आरोप में पांचों लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। इस बात की जानकारी ईरान के कोर्ट की तरफ से आज मंगलवार, 6 दिसंबर को दी गई है।
दूसरे 11 लोगों को भी सुनाई गई सज़ा
रूहोल्लाह अजामियां की मौत के मामले में ईरान के कोर्ट ने 11 लोगों को लंबी कैद की सज़ा सुनाई है। इनमें 3 बच्चें भी शामिल हैं। कोर्ट के प्रवक्ता मसूद सेतायेशी ने इस बात की जानकारी दी।
क्या है बासिज पैरामिलिट्री?
बासिज पैरामिलिट्री उन लोगों का एक ग्रुप है, जो ईरान की सरकार के प्रति वफादार है। बासिज पैरामिलिट्री ग्रुप ईरान में पिछले दो दशकों से सरकार के खिलाफ किसी भी असंतोष और तनाव की स्थिति को खत्म करने में अहम भूमिका निभाता रहा है।