
नई दिल्ली। अफगानिस्तान सरकार ने शनिवार को काबुल में हुए आतंकवादी हमले सहित अन्य आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया। पहले काबुल, नांगरहार और दक्षिण में हेलमंद तथा कांधार प्रांतों में सिलसिलेवार धमाकों में कम से कम 102 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 200 लोग घायल हो गए थे।
आधा झुका रहेगा ध्वज
एक सरकारी बयान के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज देश में तथा विदेशों में स्थित अफगानी दूतावासों पर आधा झुका रहेगा। काबुल में शनिवार को आतंकवादी संगठन तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी एक एंबुलेंस में विस्फोट कर दिया था। इससे पहले तालिबानी आतंकवादियों ने काबुल के एक आलीशान होटल में हमला कर दिया था जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने हमलों से प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए काबुल में सोमवार को भी अवकाश घोषित किया है। बयान के अनुसार मंगलवार को राष्ट्रपति भवन और देश भर की मस्जिदों में विशेष प्रार्थना कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। राष्ट्रपति अशरफ गनी, मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला, संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने शनिवार को हुए हमलों की निंदा की।
संयुक्त राट्र ने की हमले की निंदा
उधर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अफगानिस्तान के काबुल में शनिवार को हुए आत्मघाती हमले की निंदा की। आतंकवादी संगठन तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अदीस अबाबा में जारी बयान के मुताबिक, "नागरिकों पर हमले मानवाधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है, जिसे न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। हमलावरों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। गुटेरेस अफ्रीकी संघ सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अदीस अबाबा में हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक महासचिव ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। उन्होंने अफगानिस्तान सरकार और लोगों के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की। गौरतलब है कि मध्य काबुल में आत्मघाती विस्फोट में 102 लोगों की मौत हो गई जबकि 158 घायल हो गए।