अब तक इस लापता विमान को ढूंढने के लिए कई कोशिशें की जा चुकी हैं। करीब चार साल पहले लापता हुए इस विमान में 239 यात्री सवार थे।
कुआलालंपुर। दुनिया के सबसे रहस्यमयी विमान हादसों में से एक का शिकार हुए मलेशियाई विमान एमएच 370 को तलाशने की कवायद एक बार फिर शुरू हो सकती है। हाल ही में दुनिया के सबसे बुजुर्ग प्रधानमंत्री का खिताब अपने नाम करने वाले महातिर मोहम्मद ने इसके तलाश को रोकने के साथ सबूत मिलने पर फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा कि अगर नए सबूत मिलते हैं तो विमान का तलाशी अभियान फिर से शुरू किया जा सकता है। गौरतलब है कि अब तक इस लापता विमान को ढूंढने के लिए कई कोशिशें की जा चुकी हैं। करीब चार साल पहले लापता हुए इस विमान में 239 यात्री सवार थे।
मार्च 2014 से अब तक नहीं मिला कोई सुराग
239 यात्रियों से भरा यह बोइंग 777 विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था, लेकिन रास्ते में से ही लापता हो गया। यह हादसा मार्च 2014 में हुआ था। तब से अब तक इसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। विमान में सवार अधिकांश यात्री चीन से थे। इस विमान का कोई भी अंश अब तक नहीं मिल पाया है। ऐसे में यह दुनियाभर के लिए अभी भी रहस्य बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया, अमरीका समेत कई देशों की कंपनियां और सरकार इस महाखोज में सहयोग दे चुकी है, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली।
खत्म होने को है ओशन इनफिनिटी का करार
गौरतलब है कि बोइंग 777 की तलाश के लिए अमरीकी अन्वेषण कंपनी ओशन इनफिनिटी के साथ तीन महीने का अनुबंध किया गया था। उसके साथ इस शर्त पर समझौता किया गया था कि विमान का मलबा या ब्लैकबॉक्स मिलने पर ही उसके शुल्क का भुगतान किया जाएगा। हालांकि कंपनी को विमान के मलबे का कोई निशान नहीं मिला और उसका अनुबंध भी अब खत्म होने वाला है।
महातिर ने दिया ये बयान
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महातिर मोहम्मद ने कहा, 'अब हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां हम ऐसी चीज की तलाश नहीं करते रह सकते, जिसे हम कभी ढूंढ ही नहीं सकते। 'हम उनके रिश्तेदारों की भावनाओं को समझते हैं लेकिन हम इस तलाश को हमेशा के लिए करते रहने की इजाजत नहीं दे सकते। अगर हमें कुछ भी नया मिलता है तो हम तलाश अभियान फिर से बहाल कर सकते हैं।'