25 साल की स्मादर कहती हैं कि सेना की सभी यूनिट में महिला और पुरुषों के मिले-जुले पद होने चाहिए। जो भी लड़ सकता है उसे ये पद मिलना चाहिए। इजरायल में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों की सेना में भी महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ दशकों में बढ़ी है। आस्ट्रेलिया और कनाड़ा में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अवसर दिए जा रहे हैं। अल्जीरिया में बहुत सी महिला जरनल हैं। जोरडन, लेबनन और ट्यूनीशिया में भी सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। सीरिया की लड़ाकू ईकाइयों में भी बड़े पदों पर महिलाएं हैं।इजरायली सेना 120,000 सैनिकों को शामिल करने पर विचार कर रही है। इसमें 85 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए होंगे।