एशिया

Nepal: ओली सरकार ने देश का नाम बदला, पार्टी के अंदर से उठे विरोध के सुर

Highlights ओली सरकार का फैसला है कि देश का नाम ‘संघीय लोकतांत्रिक नेपाल गणराज्य’ की जगह सिर्फ ‘नेपाल’ हो। संविधान विशेषज्ञों का कहना है कि एक सर्कुलर जारी कर देश का आधिकारिक नाम नहीं बदला जा सकता है।
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Updated: 7 Nov 2020, 9:16 PM IST
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KP Sharna Oli

काठमांडू। नेपाल में अब देश के संवैधानिक नाम को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कुछ दिन पहले देश के कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों के मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर ऐसी सूचना दी जो चौंकाने वाली थी। सभी सरकारी एजेंसियों से कहा गया कि वे देश का नाम ‘संघीय लोकतांत्रिक नेपाल गणराज्य’ की जगह सिर्फ ‘नेपाल’ लिखें।

केपी शर्मा ओली सरकार के फैसले को लेकर अब सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर से आवाजें उठनी लगी हैं। संविधान विशेषज्ञों का भी कहना है कि देश का आधिकारिक नाम इस तरह से एक सर्कुलर से नहीं बदला जा सकता।

ओली सरकार के इस कदम का असर होगा कि दूसरे देश भी अपने दस्तावेजों में इस देश का नाम सिर्फ नेपाल लिखना होगा। इसी तरह देश की पाठ्यपुस्तकों में भी नाम को बदलना होगा। वहीं नेपाल के संविधान की धारा 56 (1) में ये साफ है कि नेपाल संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य का मुख्य ढांचा तीन स्तरों वाला है। ये स्तर हैं- संघीय, प्रादेशिक और स्थानीय।

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7 Nov 2020, 9:16 PM IST
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