लक्ष्मी प्रतिमा को विसर्जित करने जा रहे समुदाय की दूसरे समुदाय से झड़प फोर्स ने उपद्रवियों पर की हवाई फायरिंग, एक की हुई मौत
काठमांडु। भारत-नेपाल सीमा के पास इस वक्त तनाव का माहौल है। बॉर्डर से सटे कृष्णानगर नेपाल में बुधवार लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल शुरु हुआ था। इसका असर गुरुवार को भी जारी रहा। दो समुदायों के बीच जारी बवाल के बीच स्थिति ऐसी हो गई कि नेपाल पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। साथ ही एक भारतीय युवती भी घायल हुई है।
कृष्णानगर में अनिश्चित समय के लिए कर्फ्यू का ऐलान
मृतक सूरज पांडेय बढ़नी का रहनेवाला था। जानकारी के मुताबिक, इस विवाद में दूसरे समुदाय का भी एक व्यक्ति घायल हुआ है। बढ़त हिंसा और तनाव के मद्देनजर नेपाल प्रशासन ने एहतियातन सीमा को सील करने का ऐलान किया है। इसके साथ-साथ घटनास्थल कृष्णानगर में भी अनिश्चित समय के लिए कर्फ्यू की घोषणा की गई है।
लोगों ने की पुलिस अड्डे पर आगजनी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में कपिलवस्तु समेत कई जिलों में फोर्स भी तैनात कर दी गई है। यही नहीं, भारतीय प्रशासन ने भी बवाल बढ़ता देख नोमेंस लैंड सीमा के आसपास की दुकानों और शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह बंद करने के निर्देश जारी कर चुका है। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि गुरुवार की सुबह नौ बजे अचानक माहौल अनियंत्रित हो गया। लोगों ने पत्थरबाजों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न होते देख नेपाल में बस अड्डा तिराहे पर पुलिस पिकेट, ट्रैफिक पुलिस बूथ आदि में आगजनी करते हुए उसे फूंक दिया। इसपर काबू पाने के लिए फोर्स ने उपद्रवियों को हवाई फायरिंग कर खदेड़ने की कोशिश की।
विसर्जन के रास्ते को लेकर उपजा था विवाद
इस फायरिंग में सूरज की मौत और छत पर कपड़ा सूखा रही भारतीय लड़की की मौत हो गई। विवाद विसर्जन के लिए ले जाई जा रहीं लक्ष्मी प्रतिमाओं के रूट से शुरू हुआ। दूसरे समुदाय के लोग इसको लेकर विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि इस रास्ते पर मदरसा है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना था कि जिस रूट से पहले मूर्ति ले जाई जा रही थी, वहां का रास्ता खराब है, इसलिए दूसरे रूट की जरूरत है। इसी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि लोगों ने मूर्तियों का विसर्जन ही नहीं किया।