ईरान ने दोनों मुल्कों की दोस्ती का स्वागत करते हुए अमरीका को चेतावनी दी है कि इस संबंध में किसी भी भूमिका के लिए वह अपनी दावेदारी न करे।
नई दिल्ली । एक लंबे अरसे बाद दो दुश्मन देश जब आपस में मिले तो दुनिया की निगाहें उन पर टिक गईं। दुनिया के सभी देश इस आशा भरी नजर से देख रहे थे कि अब दोनों देशों के बीच शांति और दोस्ती का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। एशिया के दो कट्टर दुश्मन देश उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने आपसी शत्रुता भुलाकर मित्रता के लिए हाथ बढ़ाया है। इस बीच ईरान ने दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में बढ़ रहे कदमों का स्वागत किया है। ईरान ने दोनों मुल्कों की दोस्ती का स्वागत करते हुए अमरीका को चेतावनी दी है कि इस संबंध में किसी भी भूमिका के लिए वह अपनी दावेदारी न करे। क्योंकि अमरीका ने सदैव ही अपने वचनों का सम्मान नहीं किया है।ा
ईरान ने अमरीका से क्या कहा
आपको बता दें कि ईरान ने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ रही मित्रता का श्रेय लेने की कोशिश न करे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच मुलाकात क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्तर पर शांति की स्थापना की दिशा में एक जिम्मेदार एवं प्रभावशाली कदम है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम घासेमी ने दोनों देशों से अपील करते हुए कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति स्थापित करने के लिए इस ऐतिहासिक नई पृष्ठभूमि में बिना किसी अन्य देश के दखल के कोशिश को जारी रखें।
ईरान ने अमरीका पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमरीका पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए एक बयान में कहा ‘खासकर परमाणु करार के संबंध में ईरान का पिछले 40 साल का अनुभव यह है कि अमरीकी सरकार मर्यादापूर्ण और भरोसेमंद नहीं है और वह अंतरराष्ट्रीय वादों का सम्मान नहीं करती है।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने प्रतिबंध राहत के एवज में अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाते हुए अमरीका और पांच अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ 2015 में संधि की थी। हालांकि अमरीका इस संधि का उल्लंघन कर अन्य देशों के साथ उनके व्यापार में टांग अड़ाता रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब जब 12 मई को उस संधि के नवीकरण की बारी आई है तो अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना हाथ खींच लिया है। ट्रंप ने संधि से पूरी तरह हटने की धमकी दी है।