
नई दिल्ली। साउथ कोरिया के नेता मून जे-इन के साथ अपनी ऐतिहासिक बैठक में नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अमरीका को लेकर बड़ी चाल चली है। किम ने स्पष्ट कहा है कि यदि अमरीका कोरियाई युद्ध को खत्म करने व नॉर्थ कोरिया पर कभी हमला न करने का वादा करता है तो ही वह परमाणु हथियारों को त्यागने को तैयार होगा। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को मून और किम के बीच हुई शिखर वार्ता में नॉर्थ कोरिया के नेता ने कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी से निरस्तीकरण करने की बात कही थी।
अमरीका के साथ शीघ्र बैठक चाहता है किम
शिखर वार्ता के बाद साउथ कोरिया की ओर से आए बयान में कहा गया कि निरस्तीकरण पर कार्रवाई से पहले अमरीका को इस बात को आश्वासन देना होगा। मून के प्रवक्ता यून यंग—चान के अनुसार किम ने कहा कि एक बार नॉर्थ कोरिया के साथ अमरीका बात करना शुरू कर दे तो ट्रंप जा जाएंगे कि मैं किस तरह का इंसान हूं। किम ने कहा कि मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो साउथ कोरिया, प्रशांत या अमरीका पर न्यूक्लियर अटैक करूं। यून ने किम के हवाले से बताया कि वह अमरीका के साथ शीघ्र बैठक चाहता है, जिसकी वजह उसने विश्वास बहाली और युद्ध समाप्त करने संबंधी संधी की दिशा में आगे बढ़ना बताया है। साउथ कोरिया के साथ हुई शिखर वार्ता में किम ने कहा है कि यदि अमरीका कभी हमला न करने का आश्वासन दे तो परमाणु हथियार रखकर मुश्किल भरा जीवन जीने का आवश्यक्ता है।
कोरियाई युद्ध के दर्दनाक इतिहास को नहीं दोहराएंगे
किम ने कहा कि वह कोरियाई युद्ध के दर्दनाक इतिहास को नहीं दोहराएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के सैन्य टकराव को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। वह दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच के समय अंतराल को भी एक समान करने पर भी सहमत हुए। दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया से 30 मिनट आगे है। किम जोंग ने कहा, "मुझे यह देखकर बुरा लगता है कि पीस हाउस की दीवार पर दो घड़ियां टंगी हैं, जिसमें से एक दक्षिण कोरिया का जबकि दूसरी उत्तर कोरिया का समय बताती है। हमने ही मानक समय में बदलाव किया था और इसलिए हम ही इन्हें एक समान करेंगे। आप इसे सार्वजनिक कर सकते हैं।"