एशिया

मालदीवः विपक्ष का आरोप- हार के बाद भी सत्ता में बने रहना चाहते हैं अब्दुल्ला यामीन गयूम

चीन ने मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि वह नशीद द्वारा उसके विरुद्ध दिए गए 'गैरजिम्मेदाराना बयान' से आहत है।
2 min read
यामीन- नशीद
मालदीवः विपक्ष का आरोप- हार के बाद भी सत्ता में बने रहना चाहते हैं अब्दुल्ला यामीन गयूम

माले/बीजिंगः मालदीव में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले विपक्षी गठबंधन ने निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन गयूम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्षी गठबंधन का कहना है कि यामीन गयूम चुनाव में हार के बावजूद सत्ता पर बने रहना चाहते हैं। इसके अलावा गयूम राजनीतिक बंदियों की रिहाई में भी बाधा डाल रह रहे हैं।संयुक्त विपक्ष के प्रवक्ता अहमद महलूफ ने कहा कि उन्हें पता चला है कि गयूम राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को चुनाव आयोग से शिकायत करने की कोशिश में लगे हुए हैं। अहमद महलूफ ने कहा कि उन्हें बहुत कम ही लगता है कि गयूम इब्राहीम मुहम्मद सोलिह को सत्ता सौंप देंगे। बता दें कि चुनाव परिणाम के बाद निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन गयूम ने कहा था कि वे अपना कार्यकाल पूरा होने पर 17 नवंबर के बाद सत्ता से हट जाएंगे और जिसके बाद जीते हुए उम्मीदवार मुहम्मद सोलिह अपना कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।

नशीद के गैर जिम्मेदाराना बयान से आहत : चीन
उधर, चीन ने बुधवार को मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि वह नशीद द्वारा उसके विरुद्ध दिए गए 'गैरजिम्मेदाराना बयान' से आहत है। मालदीव में चीनी निवेश के आलोचक नशीद ने मीडिया को दिए साक्षात्कारों में कहा था कि बीजिंग समर्थक राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की हार के बाद देश निश्चित ही चीन से हुए करारों के बारे में सोचेगा और भारत के साथ अपने संबंधों में सुधार करेगा। नशीद ने यह भी कहा था कि चीन जैसे तानाशाह देश के लिए मालदीव जैसे लोकतांत्रिक देश को समझ पाना मुश्किल है।

आपसी सहयोग जारी रखेंगेः चीन

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग से नशीद के बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हम कुछ लोगों द्वारा दिए गए गैर जिम्मेदाराना बयान से काफी भ्रमित हैं और इन पर अफसोस जताते हैं। हम दोहराते हैं कि हम समानता और आपसी लाभ के आधार पर अपना सहयोग जारी रखेंगे। हम बाजार आधारित नियम का पालन करेंगे।" उन्होंने कहा, "मालदीव और चीन के बीच सहयोग क्या आगे बढ़ेगा या यह दोनों देश को सहायता पहुंचाएगा, यह दोनों देशों के लोगों पर हैं और इसे कुछ व्यक्तियों द्वारा बदनाम नहीं किया जा सकता।"

Updated on:
26 Sept 2018 08:44 pm
Published on:
26 Sept 2018 08:44 pm