भारत में सजा पूरी कर चुके 67 कैदियों को पाकिस्तान ने अपना नागरिक मानने से इंनकर कह दिया है।
नई दिल्ली। भारत की जेल में पाकिस्तान के 393 कैदी बंद हैं। इन कैदियों में से 67 ऐसे कैदी हैं जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन पाकिस्तान उन कैदियों को अपना मानने से इनकार कर रहा है। पाक के इस इनकार से भारत सरकार के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया है।
पाक कैदियों की पूरी हो चुकी है सजा
इस संबंध में मोदी सरकार ने देश के सर्वोच्चय न्यायालय में कहा है कि पिछले एक साल में जिन पाक कैदियों की सजा पूरी हो चुकी है उन्हें पाकिस्तान ने अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है। इस वहज से इनकी वापसी में परेशानी आ रही है। बता दें कि इन कैदियों में कई मछुआरे भी शामिल हैं।
कैदियों के रहने की करें व्यवस्था
वहीं, इस मामले पर संज्ञा देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि जिन पाक कैदियों की सजा पूरी हो चुकी है, उनके रहने की ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि वे जेल में ना रहें। आपको बता दें कि इस संबंध में जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी के चीफ भीम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया है।
पाक ने नहीं माना अपना
मोदी सरकार ने न्यायालय को आगे बताया कि सरकार ने नागरिकों की पहचान के संबंध में कई बार पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने इस बात को रखा, लेकिन अभी तक पाक ने भारतीय जेल में सजा पूरी कर चुके 67 नागरिकों को लेकर पुष्टि नहीं की है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकरा से पूछा, 'जब हम पाक नागरिकों को वापस भेज रहे हैं और वो उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में हमे क्या किया जाना चाहिए? उसके लिए क्या कदम उठाना चाहिए?'
भारत-पाक समझौता
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में कैदियों के आदान-प्रदान को लेकर एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत सजा पूरी होने के बाद कैदियों को वापस उनके देश पहुंचाने की बात हुई थी।