9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुप्रीम कोर्ट की फटकार: सो-सो कर जागने की आदत कब छोड़ेगी सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि कानून के एक ही तरह के मामलों से संबंधित एक जैसे सवालों को लेकर बार-बार अपील दायर करना कब छोड़ेगी।

2 min read
Google source verification
sc

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के एक ही तरह के मामलों से संबंधित एक जैसे सवालों को लेकर बार-बार अपील दायर नहीं की जाए। इससे कोर्ट का समय बर्बाद होता है। कोर्ट ने कहा कि मुकदमा नीति में सुधार की जरूरत है।

बेकार की अपील दायर ना करें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार बेकार मामलों पर अपील दायर करती है और खुद का वित्तीय बोझ बढ़ाती है। साथ ही समय की बर्बादी होती है। कोर्ट ने आगे कहा कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई पर पहले कई बार जुर्माना भी लगाया जा चुका है। लेकिन सरकार बार-बार वही गलती करती है और अपनी गलतियों से सबक नहीं लेती।

झारखंड: पकौड़े के चक्कर में होटल में लगी आग, दो बच्चों समेत चार जिंदा जले

सरकार छोड़े सो-सो कर जागने की आदत

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि सरकार सो-सो कर जागने की अपनी इस आदत को कब छोड़ेगी। वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार की मुकदमा नीति पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि इसमें सुधार की जरूरत है। मुकदमा नीति में सुधार की धीमी प्रक्रिया पर बोलत हुए जस्टिस मदन बी.लोकुर और दीपक गुप्ता की एक बेंच ने केंद्र सरकार के सुधारवादी नारे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनस' का हवाला भी दिया।

दिल्ली: भूत भगाने के नाम पर तांत्रिक ने किया महिला का रेप

अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर थोप रही है सरकार

बेंच ने कहा, ' सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनस की बात कह कर न्यायापालिका में सुधार करने की बात कह रही है। लेकिन देखा जाए तो सरकार अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर थोपी जा रही है।' बेंच ने आगे कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि किसी दिन यूनियन ऑफ इंडिया को यथार्थवादी और सार्थक राष्ट्रीय मुकदमा नीति तैयार करने के संबंध में अकल आएगी और जिसे वह 'ईज ऑफ डूइंग बिजनस' कहती है, इसे ईमानदारी से अगर लागू किया जाए तो देश भर के वादियों को फायदा पहुंचेगा।'

कई बार कर चुकी है यह गलती

गौरतलब है कि पिछले साल केंद्र सरकार की तरफ से दाखिल कई अपीलों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बता दें कि जिस संबंध में सरकार ने एससी में याजिका डाली थी उससे जुड़े कानून के एक जैसे सवालों से संबंधित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माना लगाया था।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग