पाकिस्तान के आम चुनावों में जीत हासिल करने के बाद इमरान खान ने देश की जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने उन्हें देश की आवाम की सेवा करने का मौका दिया है।
इस्लामाबाद: इमरान खान पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। आम चुनाव में जीत का स्वाद चख कर सत्ता पर काबिज होने से पहले इमरान खान ने अपने देश की जनता को संबोधित किया। इमरान ने कहा कि वो पाकिस्तान को इंसानियत से भरा मुल्क बनाएंगे। अल्लाह ने मुझे देश की आवाम की सेवा करने का मौका दिया है। इसके साथ ही इमरान खान ने भारत के साथ बेहतर संबंध रखने की बात कही है।
निभाऊंगा हर वादा: इमरान खान
अपने पहले भाषण में इमरान खान ने कहा कि मैं पाकिस्तान से किया अपना वादा निभाऊंगा। मुझे अपने घोषणा पत्र को लागू करने का मौका मिल गया है। इस चुनाव में कई लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं। खान ने कहा कि मैं पाकिस्तान को इंसानियत भरा देश बनाना चाहता हूं। अब मेरे मुल्क में अगर कुत्ता भी मरता है तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी।
घर पर बुलाई पार्टी की बैठक
आम चुनावों के शुरुआती नतीजे में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के जीतने के संकेत मिलने के बाद पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान ने बनी गाला स्थित अपने आवास में मंत्रणा के लिए पार्टी नेताओं को बुलाया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेता सरकार बनाने को लेकर चर्चा और निणर्य करेंगे। खान संभवत: अपने पार्टी नेताओं को पूरे पंजाब में निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करने और उनका समर्थन सुनिश्चित करने के लिए कहेंगे। बैठक में चुनाव में विपक्ष के धांधली के आरोपों से निपटने के लिए भी रणनीति बनाई जाएगी।
पूर्व पत्नी ने जताई खुशी
इमरान खान की पार्टी की जीत पर उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने गुरुवार को उनकी चुनावों में जीत का स्वागत करते हुए इसे 'दृढ़ता का अविश्वसनीय उदाहरण' बताया। जेमिमा ने एक ट्वीट में याद किया कि कैसे इमरान खान ने 1992 का क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद क्रिकेट से संन्यास लिया और 1996 में राजनीति में शामिल होकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी शुरू की।
जेमिमा गोल्डस्मिथ ने ट्वीट किया कि आज 22 साल बाद, अपमान, बाधाओं व बलिदानों के बाद मेरे बेटे के पिता पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री हैं। यह दृढ़ता, विश्वास और हार को अस्वीकार करने की एक अविश्वसनीय सीख है। बधाई। उन्होंने कहा कि वह 1997 में इमरान खान के पहले चुनाव को याद करती हैं, जो 'अनुभवहीन, आदर्शवादी और राजनीतिक रूप से निष्कपट था। उन्होंने कहा कि मैं तीन महीने के सुलेमान (बेटे) के साथ लाहौर में फोन कॉल का इंतजार कर रही थी। सुलेमान को लेकर मैं पाकिस्तान भर में घूमी थी।"