शाहबाज शरीफ औऱ इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने बुधवार को 11वें आम चुनाव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ के वोट डालने के बाद मीडिया को संबोधित करने पर संज्ञान लिया है। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नदीम कासिम ने कहा कि मतदान करने के बाद भाषण देने वाले और ऑन कैमरा मतदान करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कासिम ने कहा कि हो सकता है कि उनका वोट खारिज नहीं किया जा सकता लेकिन निर्वाचन आयोग के कानून के तहत उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने टीवी चैनलों को भी उम्मीदवारों के मीडिया संबोधन का सीधा प्रसारण नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
इन पर भी कार्रवाई की तलवार
निर्वाचन आयोग ने पीएमएल-एन नेता और पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के सियालकोट में वोट डालने के बाद प्रेस वार्ता पर संज्ञान लिया है। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण ने कई समाचार चैनलों द्वारा उनके चुनाव के सीधे प्रसारण के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया था। चैनल के प्रतिनिधियों को लिखित जवाब देने और साथ ही निजी सुनवाई के लिए 31 जुलाई तक पेश होने के लिए कहा गया है।
पहले थी वोट रद्द करने की अटकलें
बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ पार्टी के सुप्रीमों इमरान खान का इस्लामाबाद में मतदान किया। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं ने वीडियो रिकॉर्डिंग की। जिसका संज्ञान चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। इससे पहले खबर थी कि कि पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ के नेता इमरान खान का वोट रद्द हो सकता है। लेकिन अब चुनाव के बयान के बाद साफ हो गया है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर इन नेताओं पर कार्रवाई सकती है।