मंगलवार को सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, आफताब अहमद और उनके बेटे शेख सलमान कामरा गांव में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित कर सोमवार रात अपने घर लौट रहे थे, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके वाहन पर गोलीबारी शुरू कर दी।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में चुनाव अभियानों में नेताओं पर बढ़ते हमलों के बीच अटक में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार और पूर्व संघीय मंत्री शेख आफताब अहमद एक जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए। मंगलवार को सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, आफताब अहमद और उनके बेटे शेख सलमान कामरा गांव में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित कर सोमवार रात अपने घर लौट रहे थे, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके वाहन पर गोलीबारी शुरू कर दी।
आम चुनाव की सभाओं में 150 की मौतें
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पिछले सप्ताह ही उनकी सुरक्षा वापस ली गई थी। देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर पेशावर, बन्नू और मस्तुंग में हुई चुनावी सभाओं को लक्ष्य बना कर हुए आतंकी हमलों में 150 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान अवामी राष्ट्रीय पार्टी के नेता हारून बिल्लौर और बलूचिस्तान अवामी पार्टी के उम्मीदवार सिराज रायसानी की मौत हो चुकी है जबकि खैबर-पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री अकरम खान दुर्रानी बाल-बाल बचे हैं।
उफान पर है पाकिस्तान में सियासत
पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने हैं। फिलहाल वहां पीएमएल-एन सत्ताधारी पार्टी है। इस बार भी पाकिस्तान में चुनावी हिंसा चरम पर है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके बेटी मरियम शरीफ की सजा, इमरान पर उनकी पत्नी के आरोपों समेत कई मसलों के चलते भी सियासी सरगर्मियां पूरे उफान पर हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 342 सीटें हैं जिनमें से सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को 172 सीटों की जरूरत है। पाकिस्तान में महिलाओं और जातीय अल्पसंख्यकों के लिए 70 सीटें आरक्षित हैं।