एशिया

पाकिस्तान की नई चाल, कुलभूषण जाधव पर अब चला रहा आतंकवाद का मुकदमा

पाकिस्तान सरकार अब कुलभूषण जाधव को फंसाने के लिए आतंकवाद संबंधी नए मुकदमे चला रही है।

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Feb 06, 2018
kulbhushan jadhav

नई दिल्ली। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को फंसाने के लिए पाक अब नई चाल चल रहा है। पाकिस्तान के अखबार के मुताबिक वहां की सरकार जाधव के खिलाफ नए सिरे से मुकदमा चला रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जासूसी का आरोप लगाकर सजा सुनाए जाने के बाद अब जाधव के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के आरोप में मुकदमा चला जा रहा है।


आतंकवाद के मामले में चलेगा केस
पाकिस्तानी मीडिया ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि जाधव के खिलाफ जासूसी के तहत मुकदमा तो पूरा हो चुका है। अब आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधियों और गड़बड़ी फैलाने के तहत मुकदमा चल रहा है।


लगातार झूठ बोल रहा पाकिस्तान
अखबार ने आगे लिखा है कि पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने 13 बार भारतीय अधिकारियों से बात करनी चाही, लेकिन इस मामले में भारत सरकार का रवैया उदासीन है। साथ ही उनका कहना है कि वो जाधव के हैंडलर्स तक पहुंचना चाहते हैं।


पाक की जेल में बंद हैं जाधव
पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने कुलभूषण जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट में चुनौती दी थी। भारत की ओर से एडवोकेट हरीश साल्ले ने पिटीशन दायर किया था। 18 मई 2017 को सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को आखिरी फैसला आने तक फांसी नहीं दी जा सकती है।


जासूसी के आरोप में किया था अगवा
पाकिस्तान दावा करता है कि उसने जाधव को 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। पाक जाधव को भारतीय जासूस बताता है। जबकि भारत सरकार ने तथ्यों के साथ कहा है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। वो इंडियन नेवी से रिटायर होने के बाद ईरान में बिजनेस कर रहे थे।


24 मई हुई मुलाकात
24 दिसंबर 2017 को पाकिस्तान विदेश कार्यालय में कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात हुई थी। इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी पत्नी के जूते तक उतरा लिए थे। इतना ही नहीं बिंदी और चूड़ी और कपड़े तक बदला दिए थे। जिसपर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। मुलाकात के दौरान जाधव और उनके परिजनों के बीच पाक ने कांच की मोटी दीवार लगा रखी थी, बातचीत के लिए भी इंटरकाम का इस्तेमाल हुआ था।

Published on:
06 Feb 2018 02:04 pm