शुरुआत में 12 घंटे की पैरोल दी गई थी, जिसे बढ़ाकर तीन दिन कर दिया गया था
लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सोमवार को पैरोल खत्म हो गई और उन्हें तथा बेटी मरियम को वापस जेल भेज दिया गया। उधर,उनकी पार्टी पीएमएल (एन) पैरोल की अवधि बढ़ाने में लगी थी। नवाज की पत्नी बेगम कुलसुम की मृत्यु के बाद से परिवार ने तय किया था कि 40 दिनों की शोकसभा में सभी सदस्यों को होना चाहिए। मगर नवाज की पैरोल को बढ़ाया नहीं जा सका। गौरतलब है कि गले के कैंसर के कारण कुलसुम का लंदन में पिछले मंगलवार को निधन हो गया था। उन्हें जट्टी उमरा स्थित शरीफ परिवार के आवास पर दफनाया गया। यहीं पर उनके ससुर मियां शरीफ की भी कब्र है।
भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार
बता दें, शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (रिटा.) एम सफदर भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए थे। इसके बाद से वे अदियाला जेल में बंद थे। उन्हें कुलसुम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में इसकी अवाधि तीन दिन के लिए बढ़ाई गई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- पंजाब गृह विभाग ने पैरोल की अवधि अतिरिक्त पांच दिनों के लिए बढ़ा दी थी। पाकिस्तान के एक बड़े मीडिया हाउस ने सूत्रों के हवाले से छापा है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ उनकी पैरोल अवधि को और बढ़वाने का प्रयास कर रहे हैं।
12 घंटे के लिए पैरोल दी थी
आपको बता दें कि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (रिटा.) मोहम्मद सफदर को कुलसुम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 12 घंटे की पैरोल दी गई थी। उसके बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने उनकी पैरोल की अवधि को तीन दिन और बढ़ा दिया था। अदियाला जेल से रिहा होने के बाद वे लाहौर पहुंचे थे। तब एक मीडिया रिपोर्ट में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उसमान बजदर ने कहा था कि- नवाज, मरियम और सफदर की पैरोल अवधि तीन दिन के लिए बढ़ाई जा रही है और हम तीनों को पैरोल पर रिहा करने को लेकर कानून का पालन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया था कि नवाज के जट्टी उमरा स्थित निवास को उप-जेल घोषित किया गया है।