एशिया

kulbhushan jadhav मामले को लेकर Pakistan का बयान, ICJ के फैसले का ही पालन किया गया

Highlights अप्रैल 2017 में पाकिस्तान (Pakistan) की एक सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव (kulbhushan Jadhav) को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। हरीश साल्वे (Harish Salve) ने तीन मई को लंदन से कहा था कि जाधव को रिहा कराने के लिए पाक को अनौपचारिक माध्यम से मना लेंगे।

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कुलभूषण जाधव।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) ने रविवार को कहा कि कुलभूषण जाधव (kulbhushan Jadhav) मामले में उसने इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस (ICJ) के फैसले का पूरी तरह पालन किया है। कुछ दिनों पहले इस मामले में भारत के वकील ने कहा था कि नई दिल्ली को उम्मीद थी कि वह मौत की सजा पाए जाधव को रिहा कराने के लिए अनौपचारिक माध्यम से पाक को मना लेंगे। अप्रैल 2017 में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी।

गौरतलब है कि जाधव को राजनयिक पहुंच देने से इनकार करने के बाद भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में चुनौती दी। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जाधव मामले में भारत के मुख्य वकील हरीश साल्वे थे। आईसीजे ने बीते वर्ष जुलाई में फैसला सुनाया था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा पर पुनर्विचार करना चाहिए ओर राजनयिक पहुंच मुहैया करानी चाहिए

साल्वे ने तीन मई को लंदन से ऑनलाइन (Online) बात कर कहा था कि उनको उम्मीद थी कि पाकिस्तान को अनौपचारिक माध्यम से मना लेंगे। जाधव को मानवीय आधार पर छोड़ने की बात कही जा रही थी। क्योंकि यह पाकिस्तान में अहं का बड़ा कारण बन गया है। इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि वे जाधव को जाने देंगे। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। साल्वे की टिप्पणी पर जवाब देते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आईशा फारूकी ने कहा कि जाधव को लेकर सभी पक्षों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत के वकील के बयानों पर इस्लामाबाद गौर कर रहा है।

Updated on:
11 May 2020 12:53 pm
Published on:
11 May 2020 11:11 am
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