गृहमंत्री ने राष्ट्रीय डेटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण (नदरा) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ इमिग्रेशन एंड पासपोर्ट से मुशर्रफ के पासपोर्ट और सीएनआईसी पर निलंबन जारी रखने को कहा था।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के पासपोर्ट और उनके कंप्यूटीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र (सीएनआईसी) को अनब्लॉक करने के आदेश दिए, ताकि वह देश वापस आ सकें। एक स्थानीय समाचार पत्र के अनुसार इससे पहले गृहमंत्री ने राष्ट्रीय डेटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण (नदरा) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ इमिग्रेशन एंड पासपोर्ट से मुशर्रफ के पासपोर्ट और सीएनआईसी पर निलंबन जारी रखने को कहा था। गौरतलब है कि मुशर्रफ लंबे समय से कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
'हवाई अड्डे से अदालत के रास्ते में ना हो गिरफ्तारी'
सुनवाई के दौरान मौजूद नदरा के अध्यक्ष उस्मान मोबिन से पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शाकिब निसार ने कहा, 'आपने कार्ड को ब्लॉक क्यों किया है? उन्हें वापस नहीं लौटने देने का कारण बताएं?' न्यायालय ने कहा, 'मुशर्रफ को वापस लौटना चाहिए और उन्हें मामलों का सामना करना चाहिए।' रिपोर्ट के अनुसार, 'प्रधान न्यायाधीश ने अपने पहले के आदेश को दोहराया कि हवाई अड्डे से अदालत आने के दौरान मुशर्रफ को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।'
'दो दिनों में गठित हो प्राधिकरण'
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि मुशर्रफ के विरूद्ध लंबित मामलों को निपटाने के लिए दो दिनों के अंदर प्राधिकरण गठित हो। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 'देशद्रोह के संगीन मामलों का सामना कर रहे मुशर्रफ को सर्वोच्च न्यायालय ने इस शर्त पर नामांकन दाखिल करने की इजाजत दी है कि वह 13 जून को व्यक्तिगत रूप से लाहौर में अदालत के समक्ष पेश होंगे।' वह मार्च 2016 से दुबई में रह रहे हैं।