
इस्लामाबादः आर्थिक बदहाली से परेशान पाकिस्तान ने एक बार फिर चीन की शऱण में है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान सरकार चीन से करीब 68- 135 अरब रुपए कर्ज लेने जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो इस साल जून में पाकिस्तान चीन का 5 अरब डॉलर का कर्जदार हो जाएगा। आर्थिक रूप से परेशान पाकिस्तान की स्थिति इस बात से समझी जा सकती है कि पिछले साल मई में उसके पास 16.4 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था जो बीते हफ्ते कम होकर 10.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
इस वजह से कर्ज ले रहा पाकिस्तान
दरअसल अमरीका ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देना बंद कर दिया है। इसकी वजह से आर्थिक रूप से पाकिस्तान कमजोर हो चुका है। पाकिस्तान के चालू खाते भी लगातार घाटे में हैं। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार में भी भारी गिरावट आई है। इसकी वजह से पाकिस्तान कंगाल हो चुका है। जुलाई महीने में आम चुनाव भी होने जा रहे हैं। इसकी वजह से पैसों की जरुरत पाकिस्तान को और पड़ेगी। बताया जा रहा है कि पैसे के अभाव में पाकिस्तान की कई योजनाओं पर ताला लग चुका है। इसलिए पाकिस्तान ने अपने करीबी दोस्त चीन की शरण में है।
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इस वजह चीन दे रहा कर्ज
ऐसा नहीं है कि चीन अपने करीबी दोस्ती पाकिस्तान की मदद निःस्वार्थ मन से कर रहा है। इसके पीछे चीन की एक गहरी चाल भी है। दरअसल चीन की महात्वाकांक्षी परियोजना चाइना-पाकिस्तान कॉरिडोर (CPEC) बिना पाकिस्तान की मदद के चलना संभव नहीं है। इस लिहाज से चीन पाकिस्तान को कर्ज देकर अपनी जाल में फंसा रहा है। यही नीति चीन ने पडोसी मुल्क श्रीलंका के साथ भी अपनाई है।