
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के किंगडाओ शहर में होने वाले दो दिन के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन पहुंच गए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी और एससीओ के प्रतिनिधियों ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।
चीन दौरे को लेकर उत्साहित हैं पीएम
शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा है कि वह देश के शंघाई सहयोग संगठन के पूर्ण सदस्य के तौर पर बैठक में शामिल होने को लेकर रोमांचित हैं। शुक्रवार को प्रधान मंत्री ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर शिखर सम्मेलन के बारे में एक संदेश पोस्ट किया था । पीएम ने अपने सन्देश में लिखा कि "एससीओ के पास कनेक्टिविटी, वाणिज्य, सीमा शुल्क, कानून, स्वास्थ्य और कृषि में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद से लड़ने के लिए सहयोग के लिए एक समृद्ध एजेंडा है। प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि इस समेल्लन का मुख्य उद्देशय पर्यावरण की रक्षा करना, आपदा जोखिम को कम करना और आपसी लोगों के संबंधों को बढ़ावा देना होगा।
क्या कहा पीएम मोदी ने
फेसबुक के जरिये अपनी बात रखते हुए पीएम ने कहा कि मैं मानता हूँ कि चिंगदाओ शिखर सम्मेलन से एससीओ सदस्य देशों का एजेंडा और समृद्ध होगा और एससीओ के साथ भारत के सम्पर्क की एक नई शुरुआत होगी। पीएम ने कहा कि भारत की एससीओ के सदस्य देशों के साथ गहरी मित्रता और बहुआयामी संबंध हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर मुझे अन्य कई नेताओं के साथ मुलाकात करने और विचार साझा करने का मौका मिलेगा जिनमें एससीओ के सदस्य देशों के कई राष्ट्र प्रमुख हैं।
कई नेताओं से होगी पीएम की मुलाकात
इसके अलावा पीएम मोदी आज शनिवार को ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के नेता हालांकि पहले भी एक दर्जन से ज्यादा बार मिल चुके हैं लेकिन किंगडाओ में शनिवार को होने वाली मुलाकात मध्य चीनी शहर वुहान में हुई ऐतिहासिक अनौपचारिक मुलाकात के दो महीने बाद हो रही है।साथ ही पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी की उपस्थिति होगी।पीएम मोदी उनसे भी संक्षिप्त मुलाकात कर सकते हैं। इसे अलावा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ भी पीएम की मुलाकात होगी।
हालांकि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन भी सम्मलेन में उपस्थित होंगे पर यह पक्का नहीं है कि पीएम उनसे मुलाकात करेंगे या नहीं।सम्मेलन में मोदी पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के मुद्दे को उठा सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।