प्रधानमंत्री मोदी ने जब छात्रों के छुट्टी नहीं लेने की वजह बताई तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
सिंगापुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिंगापुर के नानयंग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनटीयू) के छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों के बीच पीएम मोदी ने अपने बारे में भी खुलकर बात की। पीएम ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2001 से लेकर अबतक अपने कामकाज से 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली है। पीएम ने जब छात्रों के छुट्टी नहीं लेने की वजह बताई तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
2001 से आजतक नहीं ली 15 मिनट की छुट्टी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के आम आदमी को अपना प्रेरणा स्त्रोत बताया। उन्होंने कहा कि ये कॉमनमैन मेरा इंसप्रेशन है और इसलिए मैं बिना थके और बिना रूके काम करता हूं। मैं 2001 से लाइम लाइट में आया हूं, लेकिन 2001 से आजतक मैंने 15 मिनट तक की भी छुट्टी नहीं ली है। इसके लिए मैं अपने आपको फिट रखता हूं।
सभी बाधाओं को विनाश नहीं कह सकते: मोदी
मोदी ने नानयंग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(एनटीयू) के अध्यक्ष सुबरा सुरेश से यहां एक बातचीत के दौरान कहा कि लोगों का मानना है कि बाधा विनाश की ओर ले जाता है, लेकिन सभी बाधाओं को विनाश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि बाधाएं मानव योग्यता और रचनात्मकता से जुड़े हो सकते हैं।
'योग्यता और रचनात्मकता से जुड़ सकती है बाधा'
चौथे औद्योगिक क्रांति के लिए दुनिया के उदीयमान (नैसेंट) स्तर पर होने की प्रतिक्रिया में पीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि यह गलत है, जैसा कि मैं मानता हूं बाधा मानव योग्यता और रचनात्मकता से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब कंप्यूटर आया तो लोगों को डर था कि उनकी नौकरियां चली जाएंगी। लेकिन कंप्यूटर ने रोजगार की एक नई दुनिया का सृजन किया। प्रौद्योगिकी से लैस समाज सामाजिक अवधारणाओं को तोड़ता है।